ड्यूटी के दौरान शहीद हुए नरेन्द्र चौहान
सुकरौली/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
ड्यूटी पर शहीद हुए नरेंद्र चौहान की परंपरागत रीति रिवाज के अनुसार किया गया अंतिम संस्कार।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नरेन्द्र चौहान पुत्र स्वर्गीय पारस चौहान (46) वर्ष लद्दाख में नायक के पद पर तैनात थे, 02-01-2024 को ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। इनके पार्थिव शरीर को फ्लाइट से गोरखपुर लाया गया,ततपश्चात सेना के वाहन से सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव लाया गया। इनके घर बढ़या बुजुर्ग में अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां लोगो ने नम आंखों से शहीद नरेन्द्र चौहान को विदाई दी।
शनिवार को शहीद नरेंद्र चौहान का ससम्मान पारंपरिक रीति रिवाज के अनुसार गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद नरेंद्र चौहान अपने पीछे माता राजवती देवी(उम्र लगभग 72 वर्ष), पत्नी पुष्पा देवी(उम्र लगभग 43 वर्ष), पुत्री संध्या चौहान(उम्र लगभग 19 वर्ष), पुत्र राज चौहान (उम्र लगभग 14 वर्ष) को छोड़ गए।
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