बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) पयागपुर के खागादाई माता मंदिर पर चल रहे सत् दिवसीय भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पंडित संत कुमार पांडेय उर्फ त्यागी जी ने धुंधकारी के जन्म और उसके कर्म का वर्णन करते हुए कहा कि हर छोटे-बड़े जिओ को अपने कर्म अनुसार फल की प्राप्ति होती है ।ना तो कोई किसी को सुख देता और ना कोई किसी को दुख देता जो जैसा कर्म करते उन्हें उसी तरह से फल मिल जाते। धुंधकारी ने जन्म लेने के बाद धुंधकारी अमर्यादित आचरण अपनाने पर प्रेत योनि को प्राप्त हुआ जब भागवत पावन ग्रंथ की कथा श्रवण किया तभी उसे गति प्राप्त हो सकी।पंडित त्यागी जी ने कहा कि कलयुग में मनुष्य को मुक्ति का एक मुख्य साधन श्रीमद् भागवत महापुराण की अलौकिक,कथा है। जिसे सुनकर जीव,सुख की अनुभूति स्वयं करने लगता है। इस अवसर पर यजमान राम अवतार मिस्त्री, राम कुमार, टहलू, रोहित, विकास, पंडित विष्णु दास, वैदिक पंडित जय मंगल शास्त्री, कृष्ण देव रावत, अनिल ,सहित भारी संख्या में कथा प्रेमी मौजूद रहे।
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