Wednesday, March 18, 2026
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समरस समाज का संदेश देता है मकर संक्रांति – विष्णु गोयल

डोल छपरा एवं विशुनपुरा में आरएसएस ने मनाया मकर संक्रांति उत्सव

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देवनगर जिले के सलेमपुर खण्ड के डोल छपरा एवं विशनपुरा गांव में, सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मकर संक्रान्ति उत्सव मनाया। जिसमें मुख्य वक्ता गोरक्ष प्रांत के प्रांत कुटुंब प्रबोधन प्रमुख विष्णु गोयल का समाजिक समरसता विषय पर बौद्धिक गोष्ठी हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि दक्षिणायण को देवताओं की रात्रि अर्थात् नकारात्मकता का प्रतीक तथा उत्तरायण को देवताओं का दिन अर्थात् सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। चूंकि मकर संक्रांति के दिन सूर्य की उत्तरायण गति प्रारंभ होती है, इसीलिए इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि धार्मिक क्रियाकलापों का विशेष महत्व है। मकर संक्रान्ति से पहले सूर्य दक्षिणी गोलार्ध में होते हैं, इसी कारण भारत में रातें बड़ी एवं दिन छोटे होते हैं तथा सर्दी का मौसम होता है। किन्तु मकर संक्रांति के दिन से सूर्य उत्तरी गोलार्द्ध की ओर आना प्रारंभ करते हैं, जिसके कारण इस दिन से रातें छोटी एवं दिन बड़े होने लगते हैं तथा गरमी का मौसम शुरू हो जाता है। अत: मकर संक्रान्ति पर सूर्य की राशि में हुए परिवर्तन को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होना माना जाता है। इसी कारण मकर संक्रांति के अवसर पर सम्पूर्ण भारतवर्ष में लोग विविध रूपों में सूर्यदेव की उपासना, आराधना एवं पूजन कर, उनके प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हैं। आज का दिन समरस भारतीय समाज एक साथ उत्सव मनाया है तथा भारत के समरस समाज होने का संदेश प्रेषित करता है। कार्यक्रम में जिला प्रचारक अखिलेश्वर , सलेमपुर खण्ड के खण्ड कार्यवाह शंभु, सह खंड कार्यवाह प्रदीप, विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत सेवा प्रमुख संतोष, विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत के परियोजना प्रमुख धर्म प्रसार अमरजीत, परमेंद्र आदि ने सहभागिता की।

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