ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में एयरपोर्ट का नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा (जेवर)’ रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री ने लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश मंत्रिपरिषद के प्रति आभार व्यक्त किया। विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव केवल नामकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलाव और विकास की यात्रा का प्रतीक है। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जेवर को वैश्विक विमानन, औद्योगिक निवेश और आधुनिक बुनियादी ढांचे के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है। उन्होंने कहा कि कभी कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले जेवर में आज औद्योगिक गतिविधियों, निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। इस बदलाव में स्थानीय किसानों और नागरिकों का योगदान भी अहम है। विधायक ने कहा कि क्षेत्र के विकास में उनकी भूमिका को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित नाम वाला एयरपोर्ट आने वाले समय में विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करेगा। पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में सड़क, रेल, हवाई संपर्क, उद्योग और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पारदर्शी और तकनीक आधारित शासन व्यवस्था को प्रोत्साहित किया गया, जिससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में काम हुआ। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कराया गया है। दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून, दिल्ली-मेरठ और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं को भी उन्होंने बुनियादी ढांचे के विस्तार का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। इसके अलावा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा तथा लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दादरी में पूर्वी और पश्चिमी समर्पित मालवाहक रेल गलियारों का जंक्शन उत्तर प्रदेश की माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत कर रहा है। वाराणसी में मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और फ्रेट विलेज, लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल असेंबली यूनिट तथा रक्षा औद्योगिक गलियारे जैसी परियोजनाएं प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण, गरीबों को आवास, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के तीन करोड़ से अधिक किसानों के खातों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई है। इसके साथ ही लघु एवं सीमांत किसानों की कर्जमाफी, किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से फसली ऋण और गन्ना किसानों को भुगतान जैसी पहलों की जानकारी दी। आवास और सामाजिक सुरक्षा के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, जबकि करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और उज्ज्वला योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन, शौचालय और रसोई गैस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों का भी जिक्र किया। स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार तथा सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को लेकर सरकार की पहलों का उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित करने की योजनाओं को भी उन्होंने तकनीकी सशक्तीकरण से जोड़ा। औद्योगिक विकास के साथ महिला सशक्तीकरण और सांस्कृतिक विरासत पर भी मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क, रक्षा उत्पादन, पारंपरिक उत्पादों और एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के जरिए प्रदेश की आर्थिक पहचान मजबूत करने के प्रयासों का उल्लेख किया। स्वयं सहायता समूहों से एक करोड़ से अधिक महिलाओं के जुड़ने, पीएम स्वनिधि और स्वामित्व योजना के माध्यम से विभिन्न वर्गों को लाभ मिलने की जानकारी भी दी। योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, काशी तमिल संगमम और महाकुंभ जैसे आयोजनों एवं परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को रेखांकित किया। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प भी दोहराया। पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, ओम प्रकाश राजभर, संजय निषाद और अनिल कुमार उपस्थित रहे। जेवर एयरपोर्ट के नामकरण संबंधी प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिलने के बाद अब इसे आगे की औपचारिक प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलना नाम के अंतिम आधिकारिक क्रियान्वयन के समान नहीं है। इसके लिए संबंधित स्तरों पर आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होना बाकी है।
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