महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।जनपद महराजगंज इस समय भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है। लगातार गिरते तापमान ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे अधिक संकट ग्रामीण अंचलों में रहने वाले गरीब, असहाय, बुजुर्ग, दिव्यांग और बेसहारा लोगों पर मंडरा रहा है। ठंड इतनी तीव्र हो गई है कि रात और सुबह के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
सदर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बागापार के ग्राम प्रधान एवं समाजसेवी विवेक प्रताप सिंह उर्फ निक्कू सिंह ने बताया कि ठंड का असर दिन-प्रतिदिन गंभीर होता जा रहा है। बागापार, परासखाड़, बेलवा काजी, विजयपुर, बड़हरा राजा और कटहरा जैसे गांवों में कच्चे मकानों व झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों के पास ठंड से बचाव के पर्याप्त साधन नहीं हैं। कई जरूरतमंदों के लिए एक अदद कंबल भी जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
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वहीं मिठौरा ब्लॉक के ग्राम प्रधान दिनेश चंद्र मिश्र ने कहा कि बसंतपुर राजा, परसा राजा, नदुआं बाजार, रेंहाव, बेलभरियां, बरवा राजा, चैनपुर और दरहटा जैसे गांवों में बुजुर्गों व बीमार लोगों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। ठंड के कारण जोड़ों का दर्द, सर्दी-खांसी और सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं। कुछ स्थानों पर अलाव की व्यवस्था जरूर की गई है, लेकिन यह जरूरत के अनुपात में बेहद कम है।
ग्रामीणों का कहना है कि खुले में जीवन यापन करने वाले मजदूर, दिहाड़ी कामगार और गंभीर रूप से बीमार लोग शीतलहर से सबसे अधिक प्रभावित हैं। यदि समय रहते राहत नहीं पहुंची, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शीतलहर को देखते हुए गांव-गांव सर्वे कर वास्तविक जरूरतमंदों की सूची तैयार की जाए और उन्हें तत्काल कंबल व अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि ठंड से राहत मिल सके।
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