थाना समाधान दिवस में भूमि विवादों का दबदबा, लिलकर दियारा प्रकरण बना चर्चा का केंद्र
सिकंदरपुर, बलिया (राष्ट्र की परम्परा) शनिवार को थाना सिकंदरपुर परिसर में आयोजित थाना समाधान दिवस में एक बार फिर भूमि विवादों का बोलबाला देखने को मिला। फरियादियों की भारी भीड़ और लगातार सामने आ रहे जमीन व मकान से जुड़े मामलों ने क्षेत्र में व्याप्त विवादों की गंभीरता को उजागर कर दिया। अधिकांश शिकायतें वर्षों से लंबित प्रकरणों से संबंधित रहीं, जिनका अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
समाधान दिवस के दौरान सिकंदरपुर तहसील अंतर्गत लिलकर दियारा भूमि विवाद सबसे अधिक चर्चा में रहा। यह मामला कई बार राजस्व टीम द्वारा नापी जा चुका है, लेकिन सीमा निर्धारण को लेकर दोनों पक्षों में सहमति न बनने से विवाद लगातार बना हुआ है। शनिवार को दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रभारी निरीक्षक ने दोनों पक्षों को सोमवार को एडीएम बलिया के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि वहां से प्राप्त निर्णय का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा।
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इसी क्रम में मझवलिया गांव से आए एक मामले में पीड़ित अंकित ने आरोप लगाया कि न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद विपक्षी दबंगई के बल पर खेत की जुताई-बुवाई करने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वहीं डोमनपुरा निवासी जितेंद्र प्रसाद ने किरायेदारों द्वारा मकान खाली न करने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि आवश्यकता होने के बावजूद किरायेदार मकान खाली करने से इनकार कर रहे हैं।
थाना समाधान दिवस में आए छोटे और सामान्य मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि जटिल और गंभीर विवादों को उच्च अधिकारियों के समक्ष भेजा गया।
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