महाराजगंज: चनकौली ग्राम पंचायत में धनराशि गड़बड़ी का आरोप, डीएम सख्त – 7 दिन में जांच रिपोर्ट तलब

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। Maharajganj जिले के सिसवां विकास खंड अंतर्गत चनकौली ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितता और शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है और सात दिनों के भीतर स्पष्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम पंचायत चनकौली निवासी रामसनेही पुत्र गोपाल ने 12 जनवरी 2026 को प्रशासन को लिखित शिकायत देकर ग्राम प्रधान पर सरकारी योजनाओं की धनराशि में गड़बड़ी और विकास कार्यों में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए थे।

शिकायत में पंचायत में कराए गए कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में नियमों की अनदेखी की गई और वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन नहीं हुआ।

डीएम का सख्त एक्शन

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए। जांच के लिए दो अधिकारियों को नामित किया गया है:

• जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कन्हैया यादव
• सिंचाई खंड-द्वितीय के सहायक अभियंता रजत गुप्ता

निर्देश दिया गया है कि जांच शिकायतकर्ता की मौजूदगी में कराई जाएगी, ताकि निष्पक्षता बनी रहे।

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7 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

डीएम कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि जांच अधिकारी प्रत्येक आरोप की स्थलीय जांच करेंगे और संबंधित अभिलेखों की गहन समीक्षा करेंगे। सात दिनों के भीतर स्पष्ट निष्कर्ष सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
यदि जांच अवधि में किसी अधिकारी का स्थानांतरण होता है तो संबंधित पदाधिकारी जांच प्रक्रिया पूरी करेंगे।

बीडीओ को दिए गए विशेष निर्देश

Siswa Development Block के खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि जांच टीम को सभी वित्तीय अभिलेख, भुगतान विवरण और संबंधित दस्तावेज तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।
मामले की प्रतिलिपि जिला पंचायत राज अधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भी भेजी गई है।

गांव में चर्चा तेज

जांच की खबर मिलते ही चनकौली ग्राम पंचायत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो पंचायत स्तर पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शासन की मंशा स्पष्ट है कि ग्राम विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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Karan Pandey

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