गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा कुलपति प्रो. पूनम टंडन की प्रेरणा से, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गोरखपुर एवं विधिक सेवा केंद्र, विधि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विधि विभाग में विधिक जागरूकता/साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथि अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गोरखपुर पंकज श्रीवास्तव रहे, जबकि अध्यक्षता विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता प्रो. जितेंद्र मिश्र ने की।
मुख्य अतिथि पंकज श्रीवास्तव ने छात्रों को संबोधित करते हुए विधिक सेवा प्राधिकरण की संरचना, उद्देश्यों एवं समाज में कानूनी जागरूकता की आवश्यकता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “कानूनी साक्षरता ही सशक्त नागरिकता की आधारशिला है।”
अध्यक्षता कर रहे प्रो. जितेंद्र मिश्र ने कहा कि प्राधिकरण का ध्येय वाक्य “न्याय सबके द्वार” हर नागरिक तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने का संकल्प है। उन्होंने छात्रों से समाज में न्याय और समानता के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रो. चंद्रशेखर एवं प्रो. अहमद नसीम ने भी विधिक साक्षरता के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में डॉ. टी.एन. मिश्र, डॉ. वेद प्रकाश राय, डॉ. मनीष राय, डॉ. शैलेश सिंह, डॉ. सुमनलता चौधरी, डॉ. अभय चंद्र मल्ल, डॉ. शिवपूजन सिंह, डॉ. हरिश्चंद्र पांडेय, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. रजनीश कुमार श्रीवास्तव, डॉ. ओम प्रकाश सिंह सहित विभाग के शिक्षकगण उपस्थित रहे।
अतिथियों का स्वागत डॉ. आशीष कुमार शुक्ला ने किया, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मोहम्मद अंसार आलम ने दिया तथा संचालन डॉ. वंदना सिंह ने किया।
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