आगरा राष्ट्र की परम्परा |भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर में लगने वाले ऐतिहासिक मेला श्री बटेश्वरनाथ-2026 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। 11 से 28 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस मेले में लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है। खास तौर पर 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य स्नान के दौरान यमुना घाटों पर सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।
जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में मेले की तैयारियों का जायजा लिया गया। डीएम ने सभी संबंधित विभागों को समय से व्यवस्थाएं पूरी करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
घाटों पर गोताखोर, बैरिकेडिंग और CCTV से निगरानी
कार्तिक पूर्णिमा पर यमुना में स्नान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए घाटों पर पर्याप्त गोताखोर तैनात किए जाएंगे। नदी में बैरिकेडिंग, लाल झंडे, गहरे पानी के संकेतक, रस्से और अस्थायी वॉच टावर लगाए जाएंगे। फ्लड पीएसी के स्टीमर से भी निगरानी होगी। पुलिस अस्थायी चौकियां स्थापित करेगी और पिछले वर्ष की तुलना में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गौरी घाट पर 12 स्थायी और अन्य घाटों पर चार अस्थायी चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। खोया-पाया केंद्र, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और कंट्रोल रूम भी स्थापित किए जाएंगे।
सड़क, बस और पार्किंग की व्यवस्था पर जोर
डीएम ने एसडीएम बाह, एसीपी बाह, लोक निर्माण विभाग और जिला पंचायत के अधिकारियों को मेला क्षेत्र तक पहुंचने वाले सभी मार्गों का निरीक्षण कर मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। परिक्रमा मार्ग, वीआईपी मार्ग, खांद चौराहा मार्ग, टीका मार्ग, ग्राम मई, शौरीपुर मंदिर और राजमाता मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों को आवागमन योग्य बनाया जाएगा।
श्रद्धालुओं और व्यापारियों की सुविधा के लिए रोडवेज की अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। खांद चौराहे के पास अस्थायी बस स्टैंड बनाया जाएगा। खांद चौराहा, वीआईपी रोड, पशु मेले के निकट और बिजलीघर के पास निर्धारित पार्किंग व वाहन स्टैंड की व्यवस्था प्रस्तावित है। पुलिस को यातायात योजना और वीआईपी रूट तय करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम लोगों को जाम की परेशानी न हो।
बिजली, पानी और रोशनी की रहेगी व्यवस्था
मेले में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 250 किलोवाट का अस्थायी कनेक्शन और तीन ट्रांसफार्मर लगाए जाने की योजना है। जरूरत के अनुसार जनरेटर भी उपलब्ध रहेंगे। डीएम ने बिजली कनेक्शनों, ट्रांसफार्मरों और खंभों की पहले से जांच कराने के साथ मेला क्षेत्र, मंदिरों और घाटों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने को कहा। विद्युत विभाग और अग्निशमन विभाग को सुरक्षा संबंधी ऑडिट कर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए।
चिकित्सा से लेकर अग्निशमन तक अलर्ट
मेले में अस्थायी चिकित्सालय स्थापित किया जाएगा। चिकित्सक, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, एएनएम, एंबुलेंस, ऑक्सीजन और जरूरी दवाएं उपलब्ध रहेंगी। सांप काटने की स्थिति से निपटने के लिए एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन का भी इंतजाम किया जाएगा। डीएम ने चौबीसों घंटे चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अग्निशमन विभाग आवश्यक वाहनों और कर्मचारियों की तैनाती करेगा।
पशुओं के उपचार के लिए अस्थायी पशु चिकित्सालय बनाया जाएगा। पशुओं के लिए 14 पेयजल पोस्ट, 18 पानी की हौदियां और छह टैंकर उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
सफाई, शौचालय और विकास प्रदर्शनियों पर भी ध्यान
जिला पंचायत दो शिफ्ट में 25-25 सफाईकर्मियों की तैनाती कराएगी। कूड़ा एकत्र करने के लिए डस्टबिन और निस्तारण के लिए ट्रैक्टर की व्यवस्था रहेगी। मेले में 12 सीटों वाला एक सामुदायिक शौचालय, मंदिर परिसर में आठ स्थायी शौचालय और 100 अस्थायी शौचालय बनाए जाएंगे। नगर निगम की ओर से दो मोबाइल टॉयलेट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि, वन, श्रम सहित अन्य विभागों की ओर से सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और मेला शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार, एडीएम (ई) आजाद भगत सिंह, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संदीप वर्मा, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव, एसडीएम बाह विनोद चौधरी, एसीपी बाह जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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