भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) बरहज तहसील में लगभग हर कोटेदार अपनी आदतों से बाज नहीं आते हैं । सरकारी योजनाओं का सही लाभ खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा जारी पात्रों को नहीं मिल रहा है। कोटेदारों द्वारा राशन कार्ड धारकों को धोखा देने का नया नया तरीका अपनाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार कोटेदार लोगों से तो पहले अंगूठे लगवा ले रहे हैं, लेकिन उनका राशन एक या दो दिनों बाद मिल रहा है। सरकार द्वारा दी गई मशीनों का उपयोग हो रहा है, लेकिन अंगूठा लगने पर राशन एक से दो दिन बाद क्यों दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि राशन तौल मशीन पर पहले से तौला गट्ठर रख कर अंगूठा लगवा लिया जाता है, उसके 2 दिन बाद लोगों को बुलाकर मनमाने तरीके से उन्हें कम राशन दिया जाता है। जबकि मशीन द्वारा तौला किया हुआ राशन न देकर अलग टीन डब्बों से नाप कर राशन दिया जाता है। उसका भी वजन राशन के साथ करके राशन दिया जाता है। राशन वजन से 1 या 2 किलो का होता है। इस तरह सरकारी योजनाओं का लाभ पत्रों को नहीं मिल पाता है। कार्ड धारक घटतौली का हमेशा शिकार हो रहे हैं।वहीं राशन कार्ड धारकों में कुछ अपात्रों के राशन कार्ड अंत्योदय में है,और जो अंतोदय लायक है। उनके राशन कार्ड पात्र गृहस्थी में है। घाटोली का विरोध करने पर कोटेदार धमकी दे रहे हैं। कोटेदार कहते हैं राशन लेना है तो लो नहीं तो जाओ। उनकी पहुंच कहां तक है। यह कौन जानता है। उनका कहना है, कि जब राशन कम आ रहा है,तो हम अपने घर से दे क्या।
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