बलिया/उत्तर प्रदेश(राष्ट्र की परम्परा)
ईस्ट इंडिया कंपनी बन कर,
जो भारत में आए थे!
अर्थ बढ़ाने के सपने,
हम सब को दिखाए थे!!
वो आए थे व्यापार करने,
कर बैठे मक्कारी!
देश लूटने की वो जाने,
कैसी थी बीमारी!!
बंगाल हड़पने खातिर तुमने,
प्लासी का था युद्ध किया!
भारत पर शासन करने के लिए,
साज़िश राष्ट्र विरुद्ध किया!!
वो ‘प्लासी की लड़ाई’ थी,
जब अंग्रेजों ने सत्ता पाई थी!
मीर जाफर जैसे ग़द्दारों से,
क्लाईव ने हाथ मिलाई थी!!
राष्ट्र के योद्धाओं को,
सेल्युलर जेल में समेट दिया!
ब्रिटिश आताताईयों ने,
धोखा भी अजीब दिया!!
वो एक चीख थी,
जो दबा दी गई!
अंडमान के समुंदर में,
छुपा दी गई!!
स्वातंत्रय वीर सावरकर जी ने,
ब्रिटिश राज हिलाया था!
निरंकुश फिरंगी मतवालों को,
घुटनों के बल लाया था!!
“सागरा तड़ममड़ला” बोल,
राष्ट्र ध्वज लहराया था!
काला पानी की सज़ा झेल,
देशभक्ति समझाया था!!
जेल की दीवारों पर,
कविताएं लिखते जाते थे!
हर बार फिरंगी आकर,
फिर से उसे मिटाते थे!!
कोल्हू से हर दिन सेनानी,
नारियल को कुचलते थे!
रोज तेल निकाल कर ही,
अपना भोजन करते थे!!
वो राष्ट्र के स्वतंत्रता हेतु,
अनवरत मचलते थे!
ब्रिटिश पुलिस के कोड़ों को,
अपने तन पर सहते थे!!
नीले समुद्र के बीच,
लहरों का शोर था!
योद्धाओं का झुंड भी,
भावुक और विभोर था!!
वीरता की सर्वोच्च कहानी,
किताबों से हटा दी गई!
इतिहास को बदल कर,
वीर गाथा मिटा दी गई!!
वो एक चीख थी,
जो दबा दी गई!
अंडमान के समुंदर में,
छुपा दी गई!!
BRICS Summit 2026: भारत की कूटनीति का दम, मोदी की 15 से अधिक द्विपक्षीय बैठकों…
बीकापुर में सपा की सियासत गर्म, युवा चेहरे के रूप में हरिशंकर की दावेदारी चर्चा…
चौधरी चरण सिंह निरीक्षण भवन का किया लोकार्पण संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। सिंचाई एवं…
निःशुल्क मेहंदी शिविर में उमड़ी माताओं-बहनों की भीड़, छात्राओं ने हुनर से सजाए हाथ महराजगंज…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। “जो राजनीतिक दल सैथवार समाज को पांच या उससे…
देवरिया में ट्रेन से 30.23 लाख रुपये नकद बरामद, संदिग्ध युवक हिरासत में; गोरखपुर ले…