ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर: ट्रंप की धमकी पर भड़के ईरानी विदेश मंत्री, बोले— “हमारी सेनाओं को पता है कहां हमला करना है”

तेहरान/वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। ईरान में महंगाई और सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में एक बार फिर तीखा तनाव देखने को मिल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने दो टूक जवाब देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उसकी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

ईरान में शुक्रवार (2 जनवरी 2026) को लगातार पांचवें दिन प्रदर्शन जारी रहे। अब तक इन प्रदर्शनों में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हालात देश के करीब 21 राज्यों तक फैल चुके हैं। इसे 2022 के बाद ईरान का सबसे बड़ा विरोध-प्रदर्शन बताया जा रहा है।

ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है तो अमेरिका हस्तक्षेप के लिए तैयार है। ट्रंप के इस बयान को ईरानी नेतृत्व ने देश के आंतरिक मामलों में सीधा दखल बताया है।

अमेरिकी दखल से क्षेत्र में अस्थिरता: ईरान

ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी हस्तक्षेप से पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता फैल सकती है और इससे अमेरिकी हितों को भी भारी नुकसान होगा।

वहीं, सुप्रीम लीडर के करीबी सलाहकार अली शमखानी ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा को “रेड लाइन” करार दिया।

“हमारी सेनाओं को पता है कहां हमला करना है”

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के बयान को “लापरवाह और खतरनाक” बताया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है, लेकिन हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
अराघची ने सख्त शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा,

“ईरान के आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। हमारी सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं और यदि ईरानी संप्रभुता का उल्लंघन हुआ तो उन्हें ठीक-ठीक पता है कि कहां हमला करना है।”

ये भी पढ़ें – मौसम की मार: उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों पर अस्थायी विराम

21 राज्यों में फैली हिंसा

ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी फार्स के मुताबिक कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। पुलिस पर पत्थर फेंके गए, गाड़ियों में आग लगाई गई और कुछ स्थानों पर मोलोटोव कॉकटेल का इस्तेमाल हुआ। हालात पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों ने कई लोगों से हथियार भी जब्त किए हैं।

महंगाई बनी विरोध की सबसे बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान में जारी इस विरोध-प्रदर्शन की जड़ में गंभीर आर्थिक संकट है। देश में महंगाई दर 42.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि खाद्य पदार्थों की कीमतों में 72 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यही वजह है कि आम जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर हुई है।

ये भी पढ़ें – खिचड़ी मेले को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में प्रशासन जुटा

Karan Pandey

Recent Posts

भाटपार रानी से कनाडा तक: उज्जवल दीक्षित की ग्लोबल उड़ान

देवरिया के लाल उज्जवल दीक्षित ने रचा इतिहास: कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ सस्केचवान में टॉप-5,…

11 minutes ago

ट्रंप बोले—जरूरत पड़ी तो करूंगा दखल, पाकिस्तान नेतृत्व की सराहना

वाशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच…

3 hours ago

La Paz के पास भीषण विमान हादसा, 15 की मौत

ला पाज (राष्ट्र की परम्परा)। Bolivia की राजधानी La Paz के पास शुक्रवार को एक…

3 hours ago

महराजगंज में रमजान का संदेश: रहमत, मगफिरत और निजात की राह

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। माह-ए-रमजान इबादत, सब्र और आत्मशुद्धि का पवित्र महीना माना जाता है।…

4 hours ago

महराजगंज के दरौली में भक्ति का सागर: श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा जनसैलाब

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। दरौली ग्राम सभा इन दिनों आध्यात्मिक रंग में रंगी नजर आ…

4 hours ago

तनाव भरे दौर में अध्यात्म का अमृत: भीतर की शांति ही सच्ची सफलता

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। तेजी से बदलते आधुनिक दौर में सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन मानसिक…

5 hours ago