ईरान में 28 दिसंबर से जारी भीषण विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अब तक 2,571 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ स्वतंत्र रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 2,500 से ज्यादा बताया जा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रदर्शनकारियों की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अमेरिका स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
इंटरनेट बंद, सीमित संपर्क, आंशिक राहत
विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी सरकार ने कुछ पाबंदियों में आंशिक ढील दी है, जिसके बाद कई दिनों बाद नागरिक विदेश में फोन कॉल कर पा रहे हैं। हालांकि, इंटरनेट और SMS सेवाएं अब भी बंद हैं, जिससे देश के भीतर और बाहर संपर्क बेहद सीमित बना हुआ है।
HRANA का दावा: मौतों का आंकड़ा 2,571 तक पहुंचा
अमेरिका स्थित Human Rights Activists News Agency (HRANA) के अनुसार, ईरान में जारी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,571 हो गई है। वहीं, ईरानी सरकारी टीवी ने भी स्वीकार किया है कि देश को भारी नुकसान हुआ है।
ईरान के Martyrs Foundation के प्रमुख अहमद मौसवी ने सशस्त्र और आतंकवादी समूहों को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि अधिकांश मौतें सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हुई हैं।
ट्रंप का ईरानियों से खुला संदेश
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरानियों से प्रदर्शन तेज़ करने की अपील की। उन्होंने लिखा:
“ईरानी लोग प्रदर्शन जारी रखें, अपने संस्थानों पर कब्जा करें। हत्यारों और अत्याचारियों के नाम सुरक्षित रखें, उन्हें भारी कीमत चुकानी होगी। जब तक हत्याएं बंद नहीं होतीं, मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। मदद रास्ते में है।”
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‘मानवता दिखाए ईरानी सरकार’: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि वह अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं और उन्हें भरोसा है कि ईरान में हालात बेहद गंभीर हैं।
उन्होंने कहा,
“वे बहुत बुरी तरह से गलत व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें मानवता दिखानी चाहिए। यह एक बहुत बड़ी समस्या है।”
ट्रंप ने संकेत दिए कि अगर स्थिति नहीं सुधरी, तो अमेरिका सख्त कदम उठा सकता है।
ईरान का पलटवार, अमेरिका पर आरोप
ईरान ने ट्रंप पर राजनीतिक अस्थिरता फैलाने, हिंसा भड़काने और देश की संप्रभुता को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर कहा कि निर्दोष नागरिकों, विशेषकर युवाओं की मौत के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार हैं।
फांसी की खबरों पर ट्रंप की चेतावनी
CBS News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी, तो अमेरिका “बहुत कड़ी कार्रवाई” करेगा। इसके जवाब में ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप का बहाना तलाश रहा है।
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यूरोप और ब्रिटेन का सख्त रुख
ईरान में हिंसा और इंटरनेट बंदी को लेकर कई यूरोपीय देशों ने ईरानी राजदूतों को तलब किया है।
फिनलैंड ने इंटरनेट बंदी को “खामोशी में दमन” बताया
फ्रांस, जर्मनी और नीदरलैंड ने हिंसा को अमानवीय करार दिया
ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की
EU प्रमुख उर्सुला वॉन डर लेयेन ने कहा कि ईरान में बढ़ती मौतें “भयावह” हैं।
संयुक्त राष्ट्र की अपील
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने ईरान से अपील की कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा तुरंत बंद करे और उन्हें आतंकवादी कहना बंद करे। उन्होंने कहा कि ईरानी नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और उनकी मांगों को सुना जाना चाहिए।
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