बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। नानपारा स्थित 59वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) के मुख्यालय परिसर में लोहड़ी पर्व का भव्य एवं उल्लासपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वाहिनी के सभी कार्मिकों, उनके परिवारजनों और संदीक्षा सदस्यों ने उत्साह के साथ भाग लेकर आयोजन को यादगार बना दिया।
मुख्य अतिथि की गरिमामयी उपस्थिति से बढ़ी शोभा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गंगा सिंह उदावत, कमांडेंट 42वीं वाहिनी रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति और प्रेरणादायी संबोधन ने बल के कार्मिकों का मनोबल और अधिक मजबूत किया।
पूरे परिसर को आकर्षक सजावट, पारंपरिक रूप से सुसज्जित ग्राउंड, सेल्फी प्वाइंट्स और लोक-संगीत की मधुर धुनों से सजाया गया था, जिससे वातावरण उल्लास, उमंग और पारिवारिक सौहार्द से सराबोर हो गया।
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लोहड़ी एकता और नवप्रभात का प्रतीक: मुख्य अतिथि
मुख्य अतिथि गंगा सिंह उदावत ने अपने संबोधन में कहा कि
“लोहड़ी केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं है, बल्कि यह एकता, परंपरा, आशा और नवप्रभात का प्रतीक है। अग्नि की लौ के साथ यह पर्व हृदयों में विश्वास और उल्लास का संचार करता है।”
आयोजन को सफल बनाने में सामूहिक प्रयासों की सराहना
कार्यक्रम के दौरान पंकज कुमार ठाकुर, द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट, 59वीं वाहिनी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए वाहिनी कार्मिकों और संदीक्षा सदस्यों के सामूहिक एवं अथक प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने लोहड़ी पर्व से जुड़े उत्साह, उमंग और विश्वास को बल की निरंतर प्रगति और संगठनात्मक एकजुटता का आधार बनाने का आह्वान किया।
आपसी सामंजस्य और सांस्कृतिक विरासत को मिला बल
यह आयोजन सशस्त्र सीमा बल के कार्मिकों और उनके परिवारों के बीच आपसी सामंजस्य, सांस्कृतिक विरासत और सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
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