नई दिल्ली(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता में जारी गतिरोध का असर अब सीधे भारतीय निर्यात पर दिखने लगा है। बुधवार से अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 50% दंडात्मक टैरिफ लागू कर दिया है। यह भारी-भरकम शुल्क भारत के लगभग 48.2 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात पर असर डालेगा।
ट्रंप प्रशासन का यह फैसला भारत द्वारा अमेरिकी दबाव में झुकने से इनकार करने के बाद सामने आया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस कदम से भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धा में भारी नुकसान होगा और कई सेक्टर पर सीधा असर पड़ सकता है।
सरकारी सूत्रों ने संकेत दिया है कि केंद्र सरकार दंडात्मक टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए कई उपायों पर विचार कर रही है। इनमें वैकल्पिक निर्यात बाजार तलाशना, घरेलू उद्योग को राहत पैकेज देना और अमेरिका के साथ दोबारा बातचीत की पहल शामिल है।
सबसे ज्यादा असर किन पर पड़ेगा?
इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स ,फार्मा और केमिकल उत्पाद,कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद,वस्त्र और परिधान उद्योग,व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि यदि विवाद लंबे समय तक जारी रहा तो भारत के रोजगार और विदेशी मुद्रा भंडार पर भी असर पड़ सकता है।फिलहाल सभी की नजरें केंद्र सरकार की रणनीति और आने वाले दिनों में होने वाली संभावित भारत-अमेरिका वार्ता पर टिकी हैं।
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