29 जनवरी का इतिहास: देश-दुनिया की महान विभूतियों के निधन की स्मृति

✍️ भूमिका
इतिहास केवल तिथियों का संकलन नहीं होता, बल्कि उन व्यक्तित्वों की स्मृति होता है जिन्होंने अपने कर्म, संघर्ष और विचारों से समाज को दिशा दी। 29 जनवरी का इतिहास भारत और विश्व के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन राजनीति, साहित्य, सिनेमा, प्रशासन और सामाजिक चेतना से जुड़े कई महान व्यक्तित्वों का निधन हुआ।
यह लेख 29 जनवरी को हुए निधन पर केंद्रित एक ऐतिहासिक दस्तावेज है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्मरण और प्रेरणा दोनों का कार्य करेगा।
🕯️ 29 जनवरी को हुए प्रमुख निधन (विस्तृत इतिहास)
🔸 महाराणा प्रताप (1597)
महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के उन योद्धाओं में से हैं जिनका नाम स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति का पर्याय है। मेवाड़ के शिशोदिया राजवंश के इस महान राजा ने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
हल्दीघाटी का युद्ध भले ही रणनीतिक रूप से निर्णायक न रहा हो, लेकिन महाराणा प्रताप का संघर्ष भारतीय आत्मसम्मान की अमर गाथा बन गया।
29 जनवरी का इतिहास महाराणा प्रताप के बलिदान को नमन करता है।
🔸 पीलू मोदी (1983)
पीलू मोदी भारत की स्वतंत्र पार्टी के प्रमुख नेता और मुक्त अर्थव्यवस्था के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने समाजवाद की आलोचना करते हुए उदार आर्थिक नीतियों की वकालत की।
उनकी राजनीतिक सोच आज भी आर्थिक विमर्श में प्रासंगिक मानी जाती है।
29 जनवरी को हुए निधन में पीलू मोदी का नाम भारतीय संसदीय इतिहास में विशेष स्थान रखता है।

ये भी पढ़ें – नए UGC कानून के विरोध में गोरखपुर में जोरदार प्रदर्शन, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमले का आरोप

🔸 सरला ग्रेवाल (2002)
सरला ग्रेवाल भारतीय प्रशासनिक सेवा की दूसरी महिला अधिकारी थीं। वे मध्य प्रदेश की राज्यपाल भी रहीं।
उन्होंने प्रशासन में महिला नेतृत्व को नई दिशा दी और सामाजिक न्याय, शिक्षा व महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया।
29 जनवरी का इतिहास भारतीय प्रशासन में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित करता है।
🔸 राम निवास मिर्धा (2010)
राम निवास मिर्धा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक सुधारों के लिए कार्य किया।
उनका राजनीतिक जीवन सादगी और सेवा भाव का उदाहरण रहा।
29 जनवरी को हुए निधन में उनका योगदान जनसेवा के रूप में याद किया जाता है।
🔸 मोहम्मद अल्वी (2018)
मोहम्मद अल्वी उर्दू साहित्य के प्रतिष्ठित शायर और साहित्यकार थे। उनकी शायरी में आम आदमी का दर्द, सामाजिक यथार्थ और मानवीय संवेदनाएं स्पष्ट झलकती हैं।
उनकी रचनाएं उर्दू साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं।
29 जनवरी का इतिहास साहित्य जगत के इस स्तंभ को श्रद्धांजलि देता है।
🔸 जॉर्ज फ़र्नांडिस (2019)
जॉर्ज फ़र्नांडिस भारतीय राजनीति के एक जुझारू नेता, ट्रेड यूनियन आंदोलन के अग्रदूत और भारत के रक्षा मंत्री रहे।
उन्होंने आपातकाल का विरोध किया और मजदूर अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
29 जनवरी को हुए निधन भारतीय लोकतंत्र के एक मजबूत प्रहरी को याद करता है।
🔸 अरविंद जोशी (2021)
अरविंद जोशी भारतीय सिनेमा और टेलीविजन के चर्चित अभिनेता थे।
उन्होंने गंभीर भूमिकाओं से अपनी अलग पहचान बनाई और कला सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान दिया।
29 जनवरी का इतिहास अभिनय जगत के इस सशक्त कलाकार को नमन करता है।
🔸 बाबा इकबाल सिंह (2022)
बाबा इकबाल सिंह किंगरा सिख समुदाय के सामाजिक-आध्यात्मिक नेता थे।
उन्होंने शिक्षा, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में जीवन समर्पित किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
29 जनवरी को हुए निधन सामाजिक चेतना के एक दीपक के बुझने का दिन है।

ये भी पढ़ें – पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत मऊ में 650 महिलाओं को मिले स्वीकृति पत्र

📌 29 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व
29 जनवरी का इतिहास हमें यह सिखाता है कि अलग-अलग क्षेत्रों में किए गए योगदान मिलकर राष्ट्र की नींव मजबूत करते हैं।
चाहे वह युद्धभूमि हो, संसद, साहित्य, सिनेमा या समाजसेवा — इन सभी विभूतियों ने अपने-अपने तरीके से इतिहास रचा।

Editor CP pandey

Recent Posts

संत रविदास ने जात पात का खंडन कर दिखाया आत्मज्ञान का मार्ग – डॉ धर्मेन्द्र पांडेय

कांग्रेसियों ने मनाई संत रविदास की जयंती सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। मध्य काल के प्रमुख…

2 minutes ago

बरठा चौराहा स्थित राष्ट्रीय समानता दल कार्यालय में मनाई गई संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)बरठा चौराहा स्थित राष्ट्रीय समानता दल के कार्यालय पर आज दिनांक 1 फरवरी…

6 minutes ago

मलेशिया की सेगी यूनिवर्सिटी संग गोरखपुर विश्वविद्यालय का पाँच वर्षीय एमओयू, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मिलेगी नई दिशा

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक और…

1 hour ago

सरयू नदी में मिला अपहृत 9 वर्षीय बालक का शव, हत्या की आशंका

बलिया(राष्ट्र की परम्परा) सहतवार थाना क्षेत्र के सिंगही गांव से बीते 25 जनवरी की शाम…

1 hour ago

बजट 2026: पूर्वी उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास की उम्मीद, लेकिन आयकर राहत नहीं, मध्यम वर्ग निराश

त्वरित टिप्पणी: नवनीत मिश्र भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त…

1 hour ago

वाको इंडिया इंटरनेशनल किकबॉक्सिंग कप में तिरंगा लहराने उतरेंगे डीडीयू के सनी सिंह

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के एम.ए. समाजशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर के छात्र और…

2 hours ago