मुझसे बड़ा गुंडा देश में कौन?’ ओम प्रकाश राजभर का सनसनीखेज बयान, मुख्तार अंसारी समेत इन बाहुबलियों का लिया नाम!
बांदा (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। बांदा में भागीदारी पार्टी की रैली को संबोधित करते हुए राजभर ने मंच से ऐसा दावा किया कि सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई। उन्होंने मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह, धनंजय सिंह और अभय सिंह का नाम लेते हुए कहा कि उनसे बड़ा गुंडा देश में कौन है? उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
‘डंडा अपना, झंडा अपना’, कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
रैली में राजभर ने कार्यकर्ताओं से अपनी पार्टी और संगठन के साथ मजबूती से खड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपना डंडा, अपना झंडा और अपनी पार्टी के साथ रहिए। यदि कोई दूसरी पार्टी का झंडा पकड़ने के लिए दबाव बनाए तो साफ इनकार कर दीजिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि लोगों को रैली में आने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए मंत्री ने कहा कि किसी के दबाव में आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आक्रामक अंदाज में कहा कि यदि कोई आंख दिखाने की कोशिश करेगा तो उसकी दूसरी आंख निकालने की हैसियत भी ओम प्रकाश राजभर रखता है। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ने की संभावना है।
मुख्तार अंसारी का भी किया जिक्र, पुराना बयान फिर चर्चा में
राजभर ने अपने संबोधन में मुख्तार अंसारी का नाम भी लिया, जिसकी अप्रैल 2024 में मौत हो चुकी है। मुख्तार बांदा जेल में बंद रहा था और राजभर उससे मिलने जेल भी गए थे। उस दौरान राजभर ने मुख्तार को गरीबों का मसीहा बताया था और सवाल उठाया था कि यदि वह माफिया था तो लोग उसे वोट क्यों देते थे। अब ताजा रैली में मुख्तार समेत कई चर्चित नामों का जिक्र होने से उनका पुराना बयान भी फिर चर्चा में आ गया है।
प्रजापति समाज के अत्याचार और अधिकारों का मुद्दा उठाया
रैली में राजभर ने प्रजापति समाज के साथ कथित अत्याचार का मुद्दा उठाते हुए लोगों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होना होगा। समाज की राजनीतिक भागीदारी का सवाल उठाते हुए उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए राजभर ने पुलिस भर्ती में यादव समुदाय को अधिक अवसर मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रजापति समाज की बड़ी आबादी होने के बावजूद उसे पर्याप्त राजनीतिक भागीदारी नहीं मिली। हालांकि, भर्ती और आबादी से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
गरीबों के मुफ्त इलाज के लिए भी किया ऐलान
मंत्री ने कहा कि जिन गरीब, पिछड़े और वंचित परिवारों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, वे अपने दस्तावेज उपलब्ध कराएं। उनके मुताबिक, पात्र जरूरतमंदों के मुफ्त इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। राजभर के बयान से सियासत गरम: एक तरफ उन्होंने सामाजिक अधिकारों और गरीबों के इलाज का मुद्दा उठाया, तो दूसरी तरफ बाहुबलियों के नाम लेकर अपने अंदाज में चुनौती भी दी। अब देखना होगा कि उनके इस बयान पर प्रदेश के दूसरे राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
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