श्रीमद् भागवत कथा का द्वितीय दिवस
कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
पडरौना के तुलसी आवास विकास कालोनी फेज टू गोस्वामी तुलसीदास पार्क में आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण कथा यज्ञ के दूसरे दिन वृन्दावन से पधारे कथावाचक आचार्य सुदामा महाराज ने श्रोताओं को श्रीमद्भागवत पुराण की रचना की जानकारी देते हुए कहा कि, महर्षि वेदव्यास ने देवर्षि नारद से प्रेरणा लेकर जगत के कल्याण के लिए इस महा पुराण की रचना की थी।
शुक्रवार की सायं कथावाचक ने परीक्षित जन्म, परीक्षित को शाप तथा शुकदेव – परीक्षित संवाद आदि प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीरामचरितमानस जीवन जीने की कला सिखाता है, तो श्रीमद् भागवत मरने की कला सिखाता है। जिसने मृत्यु संभाल ली उसने सब कुछ संभाल लिया। कहा कि अगर जीव धर्म के मार्ग पर चले तो उसकी सदैव विजय होती है। अगर हम धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म हमारी रक्षा करेगा। प्रत्येक संतान का धर्म है कि अपने माता-पिता को अपने आचरण से प्रसन्न रखे। माता-पिता की सेवा से सब कुछ प्राप्त हो जाता है।
पं. दिनेश त्रिपाठी व नवनीत पांडेय ने मूल परायण पाठ किया। संगीतमई कथा सुदेश मिश्र, विनय शर्मा व विनीत त्रिवेदी ने संगत की। मुख्य यजमान दिवाकर मिश्र, मंजू मिश्र, मनोज कुमार पांडेय, कृष्ण मोहन मिश्र, सुनील कुमार मिश्र, आलोक कुमार मिश्र, पंकज कुमार मिश्र, नीलिमा, अवि, सूरज, अतुल, ऋद्धिमा, कौस्तुभ, परिणिति, पायल, संजय चौबे, तेज प्रताप सिंह आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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