घर परिवार में गृह स्वामी व गृहिणी
सारे परिवार के उत्तरदायी होते हैं,
सुचारू रूप से घर – गृहस्थी चले,
घर के मुखिया ही जिम्मेदार होते हैं।
सनातन धर्म के सोलह संस्कार में
वैवाहिक बंधन भी एक संस्कार है,
यह पवित्र बंधन विशिष्ट संस्कार है,
पति-पत्नी तो सुख-दुख के साथी हैं।
पति-पत्नी दोनों एक बैलगाड़ी के
दो बहुत मज़बूत पहिये से होते हैं,
उनमें से कोई एक कमजोर हो जाये,
तो पारिवारिक गाड़ियाँ बेकार हैं।
आदित्य माता-पिता की समझदारी,
परिवार एक सूत्र में पिरोये रखती है,
ये परिवार के सुख-दुख के साथी हैं,
इनके बिना घर के आँगन सूने होते हैं।
डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
अयोध्या में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में 50 दिन बाद FIR, पुलिस पर देरी…
सांकेतिक शर्त ने ली युवक की जान, पिशाचमोचन कुंड में डूबा 35 वर्षीय राजू वाराणसी…
आगरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। ताजमहल घूमने पहुंचे पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक बार…
PWD की ई-टेंडरिंग व्यवस्था पर ठेकेदारों ने उठाए सवाल, जिम्मेदारी तय करने की मांग लखनऊ…
बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। मिहींपुरवा के सुजौली थाना क्षेत्र के कैलाशपुरी निवासी करिश्मा की प्रसव…
बलिया (राष्ट्र की परम्परा ) 50 बेड के आयुष अस्पताल चितबड़ागांव में बुधवार को 11वां…