नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। आम आदमी पार्टी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारत रत्न देने की मांग की है। अखिल भारत हिन्दू महासभा ने इस मांग का विरोध किया है। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल में सबसे अधिक भ्रष्टाचार के स्कैंडल हुए। सभी स्कैंडलों के कांग्रेस के कद्दावर नेताओं की संलिप्तता रही, जिन्हें संरक्षण देने में मनमोहन सिंह सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का बताने वाले मनमोहन सिंह को भारत रत्न देने की मांग का हिन्दू महासभा हर हाल में विरोध करती है। उन्होंने कहा कि भले ही एक अर्थशास्त्री और पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में हिन्दू महासभा उनका आदर सम्मान करती है, लेकिन उन्हें भारत रत्न सम्मान के योग्य नहीं मानती। उन्होंने कहा कि सर्वविदित है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने मौन से अघोषित रूप से प्रधानमंत्री पद की सारी शक्तियां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के चरणों में समर्पित कर दी थी। सोनिया गांधी के इशारे पर ही उन्होंने देश के संसाधनों पर मुसलमानों का पहला हक बताते हुए देश को सांप्रदायिक उन्माद की आग में झोंकने का प्रयास किया। दस साल तक प्रधानमंत्री रहने के बाद भी मनमोहन सिंह 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों को न्याय और दोषियों को दंडित करवाने में विफल रहे। 26/11 के मुंबई हमलावरों पर उदार नीतियों से आतंकवाद में वृद्धि और हिन्दू आतंकवाद तथा भगवा आतंकवाद की परिभाषा गढ़ कर साधु संतों और हिंदुत्व के रक्षकों को उत्पीड़ित किया गया।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि मनमोहन सरकार ने यासीन मलिक जैसे दुर्दांत कश्मीरी आतंकवादी के लिए लाल कालीन बिछाए और कश्मीर को आतंकवादियों और अलगाववादियों के सुपुर्द किया। मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति और इस्लामिक आतंकवाद को अपरोक्ष राजकीय संरक्षण दिया। सोनिया गांधी के इशारे पर ईसाई मिशनरियों को आर्थिक संरक्षण और मिशनरियों द्वारा हिंदुओं के धर्मांतरण को संरक्षण देकर देश में जनसंख्या असंतुलन उत्पन्न करने के षड्यंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मनमोहन सिंह का दस वर्षों के शासन को एक काले अध्याय के रूप में पहचान मिली। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने आज जारी बयान में यह जानकारी देते हुए बताया कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में देश सांप्रदायिक दंगों में जलता रहा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का मौन जेहादियों की ताकत बनता रहा। हिन्दू महासभा मनमोहन सिंह को भारत के सभी प्रधानमंत्रियों में से सबसे असफल और अशक्त प्रधानमंत्री घोषित करते हुए उन्हे भारत रत्न सम्मान की मांग का विरोध करती है। बी एन तिवारी ने मनमोहन सिंह को भारत रत्न देने की मांग को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे आंदोलन के समय अरविंद केजरीवाल तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा करते हुए जी भर के कोसते थे। लेकिन अब दिल्ली विधानसभा चुनाव में सिख वोटों को अपने पक्ष में करने के कुत्सित उद्देश्य से मनमोहन सिंह को भारत रत्न की मांग का प्रपंच रच रहे हैं। हिन्दू महासभा इस मांग और प्रपंच का विरोध करती है और भारत सरकार को अपना विरोध पत्र सौंपेंगी।
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