हिन्दी नव वर्ष हमारा है अंग्रेजी कैलेंडर जनवरी का नव वर्ष हमें है स्वीकार नहीं।

सत्य सनातन के हम सब हैं प्रहरी
चैत्र प्रतिपदा शुक्ल पक्ष का नव वर्ष सदा से हमारा है।
आत–ताई अंग्रेज व अंग्रेजियत के आने से नए कलेंडर एक जनवरी से यह नववर्ष है आई।
यह हमको है स्वीकार नहीं।
नव वर्ष जो सर्व धर्म समभाव लिए हुए है।वह चैत्र प्रतिपदा शुक्ल पक्ष हिन्दी नव वर्ष सनातन धर्म हमारा है।
प्रतीक गुलामी का दिख रहा जो है आज नव वर्ष कलेंडर एक जनवरी का यह अब हमको है स्वीकार नहीं।
ना है पुरातन और नहीं है सनातन,जनवरी हम सबका ये नव वर्ष वाला त्यौहार नहीं।
हम सबकी ये रीत नहीं सनातन जैसी है जिसमें प्रित नहीं सनातन से हैं इसमें व्यवहार कहां।
जनवरी जब आए बेजान हुई धरा पड़ी है सारी सिसक रही सर्दी से दुनिया सारी।कोहरा घनघोर है छाए रही जल थल नभ में सन्नाटा है गहरा बाग़ बज़ारों में।
हर दिल कि सरहद पर है सर्द हवा का पहरा सूना है प्रकृति सारा हैं सुने आंगन आज हमारे।
है रही कहां इसमें सनातन के चैत्र प्रतिपदा जैसी उमंग यहां, सनातन जैसा इसमें है रंग नहीं।
जीवन जो ठहर पड़ी है पिछले वर्ष महामारी करोना की जिसमें लहर चली है।हर कोई है अपने घर को कैद हुए।
नव वर्ष का यह ढंग नहीं यह रंग नहीं इंतज़ार करें जब माह कुछ एक।चैत्र प्रतिपदा शुक्ल पक्ष का निज मन में तनिक विचार करें।
सनातन के नए साल पर नया कुछ तो हो सही अपने खेत और बागों में।
जो आई अभी है वह बहार नहीं।अंग्रेजी कलेंडर एक जनवरी के ये नव वर्ष तनिक हमें है स्वीकार नहीं सत्य सनातन का जो है यह त्यौहार नहीं।
धैर्य धरो जरा ये धुंध कुहासा भी छंट जाने दो।अंधेरी रातों के जैसी घने कोहरे की राज सिमट कर प्रकृति रूप जरा निखर तो जाने दो।
फागुन का रंग बिखर जाने दो।प्रकृति स्वतः दुल्हन सी रूप धरेगी जब स्नेह–सुधा स्वतः प्रकृति वरसायेगी।
शस्य श्यामला भारत मां की धरती घर -घर निज खुशहाली जब लायेंगी तब चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि पर सत्य सनातन का नव वर्ष नया मनाएंगे।
तब आर्यावर्त की पुण्य भूमि पर हम भारत मां के जय गान सुनाएंगे।
जो प्रमाण से युक्त खुदबखुद स्वसिद्ध युक्त स्वयंसिद्ध नव वर्ष हमारा है।
प्रसिद्ध आर्यों की कीर्ति रहेगी सदा -सदा।सत्य सनातन का यह चैत्र प्रतिपदा शुक्ल पक्ष अनमोल विरासत का धनी नव वर्ष का यह त्यौहार हमारा है।।
अब चाहिए हमें किसी अंग्रेजी कील कैलेंडर से उधार नहीं ये अंग्रेजी कलेंडर एक जनवरी वाला नव वर्ष कत्तई हमें है स्वीकार नहीं।
जो सत्य सनातन का है यह त्यौहार नहीं सत्य सनातन की रही जो अपनी रीत
सत्य सनातन का इसमें वह प्रित व्यवहार नहीं अंग्रेजी कैलेंडर एक जनवरी नव वर्ष जो हमारा है यह त्यौहार नहीं

rkpnews@desk

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