नई दिल्ली,(राष्ट्र की परम्परा) सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को एक अहम मामले में मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अनुपस्थिति में कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने हाईकोर्ट के हालिया आदेश के खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। यह याचिका सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा दाखिल की गई थी, जिसमें हाईकोर्ट के 21 जुलाई 2025 के फैसले को चुनौती दी गई है।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को अवगत कराया कि हाईकोर्ट का आदेश न केवल विधिक दृष्टिकोण से त्रुटिपूर्ण है, बल्कि इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने निवेदन किया कि शीर्ष अदालत इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप करे।
पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार, 24 जुलाई को अगली सुनवाई की तारीख निश्चित की है। अदालत ने याचिकाकर्ता पक्ष से संबंधित सभी दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लाने और प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी करने का निर्देश भी दिया है।
हालांकि मामले का विषयवस्तु क्या है, इसका विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि सरकार इस पर विशेष ध्यान दे रही है और उच्चतम न्यायालय के निर्णय की दिशा का व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
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