हक की बात जिलाधिकारी के साथ कार्यक्रम आयोजित

कक्षा 2 का 9 वर्षीय आर्यन चौहान डीएम बनने की इच्छा जताई डीएम ने उसे अपनी कुर्सी बैठने को दी

पीड़ित महिलाओं का प्रशासन पूर्ण रूप से मदद करेगा —डीएम

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महिला व बाल कल्याण विभाग के तत्वावधान में आयोजित हक की बात जिलाधिकारी के साथ में घरेलू हिंसा व अन्य समस्याओं से पीड़ित महिलाओं व कोविड के दौरान अपने अभिभावकों को गंवाने वालों बच्चों से वार्ता की गई।
वार्ता के दौरान उस समय माहौल काफी भावुक व खुशनुमा हो गया जब कक्षा 02 के छात्र, 09 वर्षीय आर्यन चौहान द्वारा डीएम बनने की इच्छा व्यक्त किए जाने पर जिलाधिकारी ने उसे अपनी कुर्सी बैठने को दी और खुद पूरी बैठक उसके बगल में बैठकर की।
बैठक में जिलाधिकारी ने पीड़ित महिला अंकिता पांडेय, शाहिदुन निशा, किरण, सोनी, संध्या, किरण पटेल और कुसुम से बात की और उनकी समस्याओं को सुना। जिलाधिकारी जिला प्रोबेशन अधिकारी को मामलों की प्रकृति के अनुसार आवश्यक कार्यवाही का निर्देश दिया। उन्होंने घरेलू विवाद वाले मामलों को मिडिएशन सेल को भेजने का निर्देश दिया और संबंधित थानाध्यक्षों के माध्यम से सुनिश्चित करने के लिए कहा कि किसी महिला के साथ घरेलू हिंसा न होने पाए। कुछ महिलाओं द्वारा रोजगार न होने की बात भी कही गई। इस पर जिलाधिकारी ने प्रोबेशन अधिकारी को अपर जिलाधिकारी से समन्वय कर 22 अक्टूबर को गोरखपुर में आयोजित बृहद रोजगार मेले में प्रशासन द्वारा लगाई गई बसों के माध्यम से भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी पीड़ित महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा की प्रशासन उनकी पूरी मदद करेगा। हक की बात, जिलाधिकारी के साथ मंच के पीछे शासन की मंशा महिलाओं को उनका हक दिलाना है। उन्होंने कहा की घरेलू हिंसा अक्षम्य है और घरेलू विवादों का समाधान विधिसम्मत व संवाद के माध्यम से करें।
इस दौरान जिलाधिकारी ने कोविड में अपने अभिभावकों को खो चुके बच्चों से संवाद किया। मंदिशा, आर्यन, रजनी सहित कुछ बच्चों ने जिलाधिकारी से अपने पढ़ाई और वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं पर बात की। संवाद के दौरान बच्चों ने जिलाधिकारी से पूछा कि आईएएस और आईपीएस कैसे बन सकते हैं। जिलाधिकारी ने उन्हें इस पर विस्तार से बताने के साथ कहा कि जीवन में सफल होने के लिए सबसे जरूरी परिश्रम है। इसलिए आप जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं, उस क्षेत्र में जाइए। लेकिन याद रखें कि सफल होने के लिए मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को कोई समस्या है, या कोई जरूरत है तो मुझसे बड़े भाई की तरह मिल सकता है और मैं उसकी पूरी सहायता करूंगा।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

rkpnews@somnath

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