हे मातु दया कर दे, वर दे, तन
स्वस्थ सुखी रखिए रखिये।
रोटी, कपड़ा, रहने को घर, वैभव
सुख से भूषित रखिए रखिये।
जीवन साथी का प्रेम मिला,
संतानों से आदर- सद्भाव मिला।
एहसान नहीं कोई ऋण का,
अपनी कृषि,अपना व्यापार भला।
अनुराग पूर्ण जीवन मेरा,
दुश्मन को भी स्वजन बना पाऊँ।
भाई-बहन, सखा, पड़ोसी
सबजन का हित मैं कर पाऊँ।
पारबृम्ह के परम ज्ञान से,
ओत-प्रोत हो, प्रवीन मैं बन जाऊँ।
सतसंगी, संतोषी बनकर, इस
समाज को गौरव दिलवा पाऊँ।
हे देवी तुम अंतरयामी हो,
माता सबको सुख शांति दीजै।
दुःखों से दूर रहे काया,
सत सेवा धर्म, क्षमा करने दीजै।
दान, दया व क्षमा की प्रवृत्ति,
इस जीवन में मैं अपनाउँ ।
‘आदित्य’ दया कर दे, वर दे,
यह तन मन निर्मल रख पाऊँ।
डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’
बढ़नी-नकहा पैसेंजर ट्रेन से हुआ हादसा, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव महराजगंज (राष्ट्र की…
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को तामेश्वरनाथ धाम शिव मंदिर में…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने दिव्यांग पूर्व छात्र सुनील कुमार…
खलीलाबाद में डीएम आलोक कुमार ने की जनसुनवाई, अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के…
पडरौना(राष्ट्र की परम्परा)l जिला जज और अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुशीनगर संजीव कुमार त्यागी…
परिवर्तनकारी शिक्षक महासंघ ने शिक्षा विभाग को सौंपा ज्ञापन पटना(राष्ट्र की परम्परा)l बिहार में शिक्षकों…