दीवाली के दो दिन पहले धनतेरस
का पर्व कार्तिक कृष्ण पक्ष की
त्रयोदशी को अति धूम धाम के
साथ हर वर्ष मनाया जाता है ।
समृद्धि की देवी लक्ष्मी माता,
आयुर्वेद के भगवान धन्वंतरि,
जो विष्णु के अवतार हुये हैं,
दोनो को इस दिन पूजा जाता है।
भगवान धन्वंतरि ने मानव जाति
की भलाई के लिए रोगों और दुखों
से छुटकारा पाने में मदद करने के
लिए ही आयुर्वेद का ज्ञान दिया है।
धनत्रयोदशी के दिन समुद्र मंथन में
देवी लक्ष्मी क्षीर सागर से निकलीं,
इसलिए इसी दिन धन समृद्धि की
देवी लक्ष्मी माँ को पूजा जाता है।
सतयुग में देवों और राक्षसों ने मिल
सागर मंथन अमृत पाने हेतु किया,
धन्वन्तरि रूप में तब हरि विष्णु का
अमृतघट के साथ प्राकट्य हुआ।
धनतेरस की पावन तिथि पर आपको
परिवार सहित सकल समृद्धि उत्कृष्ट
स्वास्थ्य कामना के साथ ही आदित्य
दे रहे हार्दिक बधाई व शुभ कामना।
• कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ
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