कभी ख़ुशी की धूप,हक़ीक़त की छाया,
कहीं ख़ुशी की आशा, दुःख की निराशा,
कुछ खोकर पाना कुछ पाकर खोना,
यही है जीवन की सच्ची परिभाषा।
प्रेम से चुनौतियाँ भी जीती जाती हैं,
क्योंकि प्रेम नि:शुल्क, अनमोल होता है,
प्रेम का सुख सृष्टि का सर्वोत्तम सुख है,
सच्चे प्रेम से तो ईश्वर वश में होता है।
हम तब आगे नहीं बढ़ते हैं जब सब,
कुछ आसान होता हो बल्कि हम तब
आगे बढ़ते हैं जब हम चुनौतियों का
सामना पूरी तत्परता के साथ करते हैं।
आइये आज से हम समस्याओं एवं
चुनौतियों को विकास का मार्ग बनायें,
आपदा को अवसर और अवसर का
फ़ायदा उठाकर कठिनाई से पार पायें।
हम अक्सर घर बदल लेते हैं,
पहनावा व रिश्ते बदल लेते हैं,
कभी कभी दोस्त बदल लेते हैं,
फिर भी हरदम परेशान रहते हैं ।
जीवन का क्या भरोसा, देह नश्वर है,
मृत्यु सत्य है उसका आना निश्चित है
माया का मोह, सारी उमर कमाते हैं,
मुट्ठी बंद आते हैं, ख़ाली हाथ जाते हैं।
उम्र भर ग़ालिब, यही भूल करता रहा,
धूल चेहरे पे, आइना साफ़ करता रहा।
जीवन की यही सच्चाई है आदित्य
ध्यान माया में रमा, श्रीराम जपता रहा।
त्योहार और बोर्ड परीक्षा को देखते हुए प्रशासन सख्त, उल्लंघन पर होगी कार्रवाईबलिया(राष्ट्र की परम्परा)जनपद…
धरना कर उपजिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौपा बरहज/देवरिया(राष्ट्र क़ी परम्परा)कांग्रेसियों ने रेलवे…
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।कुशीनगर में आयोजित जिला उद्योग बंधु, व्यापार बंधु और श्रम बंधु की…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया और…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्थानीय…
देवरिया सदर अस्पताल, बलिया मेडिकल कॉलेज और रिक्त पदों पर सरकार का जवाब बलिया (राष्ट्र…