आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: हर मौत पर राज्यों से भारी मुआवजा वसूला जाएगा
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)भारत में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या पर सर्वोच्च न्यायालय ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की तीन-न्यायाधीशों वाली विशेष पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कुत्ते के काटने से होने वाली हर मौत के लिए संबंधित राज्य सरकारों पर भारी मुआवजा लगाया जाएगा। अदालत ने माना कि इस गंभीर जनहित मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारें लंबे समय से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रही हैं।
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सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में राज्य सरकारें “बुरी तरह असफल” रही हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि दशकों से चर्चा में रहने के बावजूद समस्या का समाधान न होना प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। पीठ ने दो टूक कहा कि बच्चों और बुजुर्गों पर आवारा कुत्तों के हमलों से जुड़े अनेक वीडियो सामने आ चुके हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
8 जनवरी की पिछली सुनवाई में अदालत ने कुछ याचिकाकर्ताओं और कुत्ता प्रेमियों के तर्कों को “वास्तविकता से दूर” बताया था। वहीं, महिला कुत्ता पालकों के कथित उत्पीड़न से जुड़े मामलों को न्यायालय ने कानून-व्यवस्था का विषय मानते हुए कहा कि ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि वह अपने पूर्व आदेशों के कड़े पालन को सुनिश्चित करेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत का यह रुख संकेत देता है कि आने वाले समय में आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सरकारों की जवाबदेही तय होगी और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
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