गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में हीरक जयंती समारोह के तहत आयोजित भाषण और वाद-विवाद प्रतियोगिता में हिंदी विभाग के सेवानिवृत आचार्य प्रो. रामदरश राय ने कहा कि लैंगिक समानता हमारी परंपरा में है। उन्होंने कहा कि हमारी सनातनी संस्कृति में स्त्री को पुरुष से ऊपर शक्ति और देवी का दर्जा दिया गया है। इस प्रतियोगिता में लगभग 210 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. ज्ञानधार भारती, डॉ. प्रतिमा जायसवाल, प्रो. शिखा सिंह और डॉ. अमोद कुमार राय शामिल थे। वाद-विवाद प्रतियोगिता में 135 प्रतिभागी पंजीकृत थे। इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. कुलदीपक शुक्ल, डॉ. मृणालिनी, डॉ. दीपेंद्र मोहन सिंह, डॉ. देवेंद्र पाल सिंह और अन्य शामिल थे।
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