बलिया (राष्ट्र की परम्परा)
असामयिक तेज बारिश से गड़हाचल के मसुर चना सरसों आदि की फसलें बर्बाद।
खेत से लेकर खलिहानों तक मसुर के दानों के साथ भुसे भी सड़ जाएगें।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह से ही तेज गरज के साथ बारिश होने से जहाँ जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है, वहीं गड़हाचल के फिरोजपुर कोटवा, नरायनपुर, उजियार, भरौली, अमाव, सोहांव, टुटुवारी, लक्षमणपुर, पिपरा, नरही चौरा, कथरिया, दौलतपुर, कैथवली फिरोजपुर, कारों बसुदेवा आदि दर्जनों गाँवो के हजारों एकड़ मसुर चना सरसों आदि की फसलें बर्बाद हो गई है। गड़हाचल की दलहनी फसलों के भरोसे ही किसान अपने साल भर के खर्चे व बेटियों की शादी आदि के सपने सजोए रहता है। लाखों मजदूर कटाई से मिले मजदुरी में चने मसुर आदि से दालें खाया करते हैं, जो एक दिन की बारिश में सारे सपने टुट गए। किसानों द्वारा बताया गया कि जो मसुर की फसल अभी खेतों में ही पड़ी है वो जमीन में सट कर सड़ जाएगी और जो खलिहानों में आ गया है। मढ़ाई के समय तक बोझो में ही सड़ने लगेगी साथ साथ भुसे भी सड़ कर राख में बदल जाएगें, जिससे पशुओं के चारे के भी लाले पड़ेगें।
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