बलिया(राष्ट्र की परम्परा) लाल निशान से ऊपर बह रही गंगा का तेवर तल्ख होता दिख रहा है। बाढ़ का पानी निचले इलाकों में प्रवेश करने से सम्पर्क मार्ग डूबने लगे हैं, जिससे लोगों की मुसीबत बढ़ती नजर आ रही है। उधर, गंगा पार चक्की-नौरंगा में स्थिति भयावह है। कटार बनी नदी की धार चक्की-नौरंगा का अस्तित्व मिटाने को आतुर है। निर्माणाधीन शिव मंदिर के बाद सरकारी स्कूल रडार पर आ गया है। यहां के लोगों का सुरक्षित स्थानों पर पलायन जारी है। वहीं, एनडीआरएफ टीम फ्लड एरिया में सक्रिय है। जिला प्रशासन बाढ़ नजर पर नजर बनाए हुए है। एनएच-31 की दक्षिणी पटरी वाले बंधे पर बने रास्तों को बोरियों से बंद किया जा रहा है। गायघाट गेज पर शनिवार की शाम गंगा नदी का जलस्तर 59.100 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां नदी प्रति घंटे तीन सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है। पूर्वानुमान है कि तीन अगस्त की सुबह आठ बजे जलस्तर गायघट गेज पर 59.650 मीटर की विन्दु पर पहुंच जायेगा। यहां खतरा विन्दु 57.615 मीटर तथा उच्चत्तम जलस्तर 60.390 मीटर है, जो वर्ष 2016 में रिकार्ड किया गया था। जलस्तर में लगातार बढ़ाव से सुघरछपरा के साथ ही एनएच 31 से दक्षिण बसे जगछपरा, शुक्लछपरा और गरया में पानी प्रवेश कर गया है। गोपालपुर, उदईछपरा, दूबेछपरा, नौरंगा, भुआलछपरा, उपाध्याय टोला आदि के साथ ही एनएच-31 के दक्षिण बसी बस्तियां बाढ़ का पानी फैलने लगा है। इससे आधा दर्जन से अधिक विद्यालय भी पानी की जद में आ जायेंगे।
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