टैरिफ से निवेश तक: ट्रंप का दावा, अमेरिका फिर बना विनिर्माण महाशक्ति

ट्रंप का राष्ट्र के नाम संबोधन: सीमा सुरक्षा से लेकर वैश्विक शांति तक, उपलब्धियों का दावा

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को (स्थानीय समयानुसार) राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपने मौजूदा कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों को सामने रखा। अपने संबोधन में उन्होंने विदेश नीति, अर्थव्यवस्था, सीमा सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और घरेलू प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात की। इस दौरान उन्होंने अपने उत्तराधिकारी जो बाइडेन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने अमेरिका को “इतिहास की सबसे खराब सीमा स्थिति” में छोड़ दिया था।

सीमा सुरक्षा पर ट्रंप का बड़ा दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सत्ता संभालते समय उन्हें एक “अराजक विरासत” मिली, लेकिन कुछ ही महीनों में उन्होंने इसे बदल दिया। उनके शब्दों में,

“हमें दुनिया की सबसे खराब सीमा विरासत में मिली थी और हमने उसे अमेरिका के इतिहास की सबसे मजबूत सीमा में बदल दिया।”

उन्होंने अवैध आव्रजन पर सख्ती, बॉर्डर पेट्रोल की मजबूती और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पूर्ण समर्थन देने को अपनी नीति की बड़ी सफलता बताया।

वैश्विक मंच पर अमेरिका की भूमिका

अपने संबोधन में ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 10 महीनों में 8 अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का समाधान कराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सख्त कूटनीति के कारण ईरान के परमाणु खतरे का अंत हुआ और गाजा में युद्ध समाप्त हुआ। ट्रंप के अनुसार, इससे मध्य पूर्व में हजारों वर्षों बाद शांति का वातावरण बना और बंधकों की रिहाई संभव हुई।

टैरिफ नीति और रिकॉर्ड निवेश

अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने टैरिफ को अपनी “सबसे प्रभावी नीति” बताया। उन्होंने कहा कि कंपनियों को साफ संदेश दिया गया था कि यदि वे अमेरिका में उत्पादन करेंगी, तो उन पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा।
ट्रंप के अनुसार, इस नीति के चलते अब तक 18 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का निवेश अमेरिका में आया है, जिससे रोजगार, वेतन वृद्धि और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि विनिर्माण इकाइयां रिकॉर्ड स्तर पर अमेरिका लौट रही हैं।

नशे और सांस्कृतिक मुद्दों पर सख्त रुख

राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनकी सरकार के प्रयासों से समुद्री मार्गों से आने वाले नशीले पदार्थों में 94 प्रतिशत की कमी आई है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्कूलों और संस्थानों में “कट्टरपंथी विचारधाराओं” के प्रभाव को भी समाप्त किया गया है।

समापन में तीखा राजनीतिक संदेश

अपने भाषण के अंत में ट्रंप ने कहा कि पिछली सरकारें अमेरिका के आम नागरिकों के बजाय बाहरी हितों की रक्षा कर रही थीं। उन्होंने खुद को कानून का पालन करने वाले, मेहनतकश अमेरिकियों की आवाज बताते हुए कहा कि अब अमेरिका का नेतृत्व जनता के लिए काम कर रहा है, न कि विदेशी ताकतों के लिए।

Editor CP pandey

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