गंभीर AQI के बीच दिल्ली में सख़्त प्रतिबंध, गैर बीएस-6 वाहनों की एंट्री बंद साथ ही कंस्ट्रक्शन पर रोक

दिल्ली में वायु प्रदूषण संकट: GRAP-4 के तहत सख़्त पाबंदियां लागू, वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर संकट के स्तर पर पहुंच गया है। लगातार तीन दिनों तक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के “गंभीर” श्रेणी में रहने के बाद एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने GRAP-4 प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने हालात से निपटने के लिए कई कड़े और तत्काल प्रभाव वाले फैसलों की घोषणा की है, जो गुरुवार से लागू हो चुके हैं।

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सरकार ने सभी सरकारी और निजी संस्थानों के लिए वर्क फ्रॉम होम को अनिवार्य कर दिया है। श्रम मंत्री कपिल मिश्रा के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में काम करने वाले निजी कार्यालयों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी फिजिकल रूप से कार्यालय न आएं। शेष कर्मचारियों को घर से काम करना अनिवार्य होगा। हालांकि, अस्पताल, फायर सर्विस, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, ट्रांसपोर्ट और सैनिटेशन जैसी आवश्यक सेवाओं को इस आदेश से छूट दी गई है।

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वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से दिल्ली में गैर बीएस-6 निजी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, “नो पीयूसी, नो फ्यूल” नियम सख्ती से लागू किया गया है। वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जा रहा है। इसे लागू करने के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरे, वॉयस अलर्ट सिस्टम और पुलिस की तैनाती की गई है।

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दिल्ली की सीमाओं पर 126 चेकपोस्ट्स पर 580 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों और कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर भी पूर्ण रोक लगा दी गई है। इससे प्रभावित निर्माण श्रमिकों को GRAP-4 लागू रहने तक ₹10,000 का मुआवजा दिया जाएगा, जिसके लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है।

सरकार का कहना है कि ये कदम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा और दिल्ली वायु प्रदूषण GRAP-4 के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक हैं।

Editor CP pandey

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