गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। देर रात घोषित पीसीएस-2024 के परिणाम ने गोरखपुर कलेक्ट्रेट को गर्व से भर दिया। मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय में अल्महद के पद पर कार्यरत रहे विकास कुमार राव ने 168वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर (सेल टैक्स) पद पर चयनित होकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे कलेक्ट्रेट परिवार का मान बढ़ाया है। परिणाम आते ही कलेक्ट्रेट कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया गया।
27 वर्षीय विकास कुमार राव मूलतः बस्ती जनपद के रुधौली कस्बे के निवासी हैं। उनके पिता स्वर्गीय राजेश राव कलेक्ट्रेट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। जनवरी 2016 में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी अचानक विकास के कंधों पर आ गई। उसी वर्ष सितंबर में उन्होंने मृतक आश्रित के रूप में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नौकरी ज्वाइन की।
नौकरी के साथ-साथ विकास ने अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी कार्यक्षमता और लगन को देखते हुए उनसे अक्सर लिपिकीय कार्य लिए जाते थे। मेहनत के बल पर उन्होंने विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्ष 2023 में पदोन्नत होकर मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय में अल्महद के पद पर तैनात हुए।
हालांकि, उनका लक्ष्य इससे कहीं बड़ा था। नौकरी के साथ पढ़ाई में आ रही बाधाओं को देखते हुए विकास ने जुलाई 2024 में साहसिक निर्णय लेते हुए नौकरी से त्यागपत्र दे दिया और दिल्ली जाकर पीसीएस की तैयारी शुरू कर दी। जब उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश को अपना इस्तीफा सौंपा, तो उन्हें तैयारी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बावजूद इसके, औपचारिक प्रक्रिया से बचने के लिए विकास ने त्यागपत्र देना ही उचित समझा।
उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम सामने आया, जब उन्होंने पीसीएस-2024 में 168वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर (सेल टैक्स) का पद प्राप्त किया। विकास न सिर्फ पढ़ाई में उत्कृष्ट रहे, बल्कि खेलों में भी उन्होंने देश का नाम रोशन किया है। वर्ष 2019 में तायक्वांडो में मलेशिया जाकर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया था।
गोरखपुर के इंदिरा नगर में रहकर नौकरी करने वाले विकास दो भाइयों में बड़े हैं। उनकी सफलता पर कलेक्ट्रेट के अधिकारी और कर्मचारी बेहद प्रसन्न हैं। सभी का कहना है कि यह उपलब्धि पूरे कलेक्ट्रेट के लिए गर्व की बात है और यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प और मेहनत से बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है।
विकास कुमार राव ने अपनी सफलता का श्रेय कलेक्ट्रेट के अधिकारियों और सहकर्मियों को देते हुए कहा कि उन्हें हमेशा पढ़ाई के लिए सहयोग और प्रोत्साहन मिला। उनका कहना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।
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