सिकन्दरपुर /बलिया (राष्ट्र की परम्परा)l श्रीधाम वृन्दावन से पधारीं साध्वी आर्या पण्डित ने अपने गम्भीर वक्तव्य में कहा कि संसारियों के जन्म- कर्म की जगह भगवान के जन्म-कर्म की चर्चा करोl ताकि मरणोपरान्त भगवान को ही पाओगेl क्योंकि भगवान के जन्म-कर्म दिव्य हैं। एक बार जो नित्य वैकुण्ठ (परमधाम) चला जाता है, वह पुनः वापस नहीं लौटता। संसार में किसी न किसी प्रकार से सभी दुःखी हैl जबकि सुखी एकमात्र राम के दास हैं। अतः भगवान से कोई न कोई रिश्ता बनाना ही पड़ेगा।
लेखिका: डॉ. प्रियंका सौरभ हरियाणा (राष्ट्र की परम्परा)। भारत में उच्च शिक्षा का तीव्र विस्तार…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के Gorakhpur जिले में गोला कस्बे की सर्राफा दुकान…
फूलों से महक उठे बलिया के विवाह मंडप, सज रहीं दूल्हों की शाही गाड़ियां घनश्याम…
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पैना में बुधवार सुबह…
ग्लोबल मार्क स्कूल में स्विमिंग अकैडमी का भव्य शुभारंभ, बच्चों को मिलेगा आधुनिक तैराकी प्रशिक्षण…
देवरिया की प्रतिभा को मिला सम्मान, डीएम दिव्या मित्तल ने किया सम्मानित देवरिया (राष्ट्र की…