मईल/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा) बेमौसम बरसात से किसानों के चेहरे से मुस्कान छीन गई है।किसानों की फसल 75% पकने के कगार पर आ गई है और इस बरसात से दलहनी फसलों के लिए काफी क्षति हो रही है इस समय सरसों की फसल पक कर तैयार हो गई है किसान अपने सरसों की फसलों को काटकर मड़ाई करने में लगा था तब तक बे मौसम बरसात के कारण सरसों की फसलें बर्बाद होने लगी है इसको देखकर कृषकों के चेहरे से मुस्कान प्रकृति ने वापस कर लिया है अभी चने की खेती पकने के दौर में है गेहूं की फसल लगभग तैयार होने की दिशामें है और बरसात से तथा तेज हवा से गेहूं की फसलें भी काफी बर्बाद हुई है।
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