उतरौला/बलरामपुर (राष्ट्र की परम्परा)। क्षेत्र में इन दिनों धान की रोपाई का कार्य जोरों पर है, लेकिन किसानों को डीएपी और यूरिया खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी गोदामों में खाद उपलब्ध नहीं है और निजी दुकानदार ऊँचे दामों पर यूरिया बेच रहे हैं, जिससे किसान बेहद परेशान हैं। तिलखी नगर क्षेत्र के किसानों—राम लखन प्रजापति, शेष राम और सीता राम—ने बताया कि वे साधन सहकारी समिति तिलखी के अंतर्गत आते हैं, लेकिन यहां अक्सर जवाब मिलता है, “यूरिया और डीएपी स्टॉक में नहीं है।” किसानों का आरोप है कि करीब बीस दिन पहले 500 बैग यूरिया खाद गोदाम पर आया था, लेकिन यह चहेते व्यक्तियों को बांट दिया गया और दो दिन में ही खत्म हो गया। जब अन्य किसानों को जानकारी मिली और वे गोदाम पहुँचे, तब तक स्टॉक खत्म हो चुका था। स्थिति यह है कि निजी दुकानदार भी अक्सर दुकानें बंद रखते हैं या फिर अधिक दाम वसूलते हैं, जिससे किसानों को मजबूरी में दूर-दराज से महंगे दामों पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है। इससे खेती की लागत बढ़ गई है और किसान आर्थिक रूप से टूट रहे हैं। तिलखी बढ़या न्याय पंचायत के दर्जनों गांव इस गोदाम से जुड़ते हैं, लेकिन गोदाम की स्थिति ऐसी जगह की गई है, जहाँ अधिकतर लोगों को सही जानकारी तक नहीं मिल पाती। किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि यूरिया और डीएपी की नियमित और पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि रोपाई कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
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