विदाई केवल अंत नहीं, एक नए जीवन की शुरुआत: प्रो. ओम प्रकाश सिंह

सपनों की उड़ान के साथ नई शुरुआत का संदेश देता विदाई समारोह

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दिग्विजय नाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर के शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा परास्नातक विद्यार्थियों के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह भावनात्मक और प्रेरणादायक माहौल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विदाई केवल अंत नहीं, बल्कि एक नए जीवन की शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है और समय के साथ इसका स्वरूप बदलता रहता है। प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति को समता मूलक बताते हुए उन्होंने कहा कि उसमें समानता, नैतिकता और सार्वभौमिक ज्ञान को विशेष महत्व दिया जाता था, जबकि वर्तमान शिक्षा प्रणाली अधिकतर रोजगार उन्मुख हो गई है, जहाँ ज्ञान को व्यावसायिक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि वे अर्जुन की तरह अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहें और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करें। साथ ही यह भी कहा कि विद्यार्थी राष्ट्र के भावी निर्माता हैं और उन्हें अपनी शिक्षा का उपयोग समाज के व्यापक हित में करना चाहिए।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की समन्वयक प्रोफेसर अर्चना सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं। उन्होंने कहा कि जीवन की चुनौतियाँ हमें मजबूत बनाती हैं और आगे बढ़ने की दिशा दिखाती हैं।
विभाग की प्रभारी डॉ. निधि राय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इस अवसर पर शिक्षाशास्त्र विभाग के डॉ. श्याम सिंह, डॉ. त्रिभुवन मिश्रा, डॉ. अखंड प्रताप सिंह, डॉ. जागृति विश्वकर्मा, डॉ. सुजीत शर्मा सहित अन्य विभागों के मुख्य नियंता डॉ. आर. पी. यादव, डॉ. जितेंद्र पांडेय, डॉ. विभा सिंह, डॉ. अनुपमा मिश्रा, डॉ. अदिति दुबे, डॉ. शाश्वत चंदेल, डॉ. विवेकानंद शुक्ला, डॉ. सुनील सिंह, डॉ. अंशुमान सिंह समेत महाविद्यालय के सभी शिक्षक उपस्थित रहे।

rkpnews@somnath

Recent Posts

डीडीयू में तैयार हो रहे आधुनिक दीक्षा भवन और संवाद भवन, अगले माह से शुरू होंगे कार्यक्रम

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित दीक्षा भवन एवं संवाद…

30 minutes ago

“6 साल बाद इंसाफ: सातानकुलम केस में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा”

सातानकुलम कस्टोडियल डेथ केस: मदुरै कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, मानवाधिकारों की रक्षा में न्याय की…

32 minutes ago

डीडीयू का छात्रहित में बड़ा फैसला, SWAYAM से वंचित विद्यार्थियों को मिला अंतिम अवसर

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रहित में बड़ा निर्णय लेते…

47 minutes ago

पुरानी रंजिश में युवक की मौत के मामले में आरोपी को सजा

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के सोनाड़ी गांव में…

1 hour ago

स्थाई लोक अदालत का फैसला: पीड़ित परिवार को मिला 15.70 लाख का मुआवजा, त्वरित न्याय से बढ़ा भरोसा

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। स्थाई लोक अदालत, महराजगंज द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में मंगलवार…

2 hours ago

स्वास्थ्य के प्रति सजगता ही सशक्त समाज की नींव: कुलपति प्रो. पूनम टंडन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा एम्स गोरखपुर…

2 hours ago