काली पट्टी बांधकर बिजलीकर्मियों का प्रदर्शन, जेल भरो आंदोलन की तैयारी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ संघर्ष तेज होता जा रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शनिवार को पूरे प्रदेश में “विरोध दिवस” मनाया गया।
बिजली विभाग के कर्मचारियों, अभियंताओं, जूनियर इंजीनियरों और तकनीकी स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए निजीकरण का कड़ा विरोध दर्ज कराया। साथ ही आगामी जेल भरो आंदोलन की तैयारी के तहत स्वेच्छा से जेल जाने वाले कर्मचारियों ने सूची में नामांकन भी कराया।

सरकार द्वारा पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के पक्ष में विज्ञापन जारी किए जाने से बिजली कर्मचारी आक्रोशित हैं।
संघर्ष समिति ने सरकार से सवाल किया कि यदि निजीकरण के बाद बिजली आपूर्ति का बेहतर प्रबंधन संभव है, तो फिर विगत 22 वर्षों से आईएएस अधिकारियों द्वारा किया गया प्रबंधन क्या अविश्वसनीय था? और अगर वही अधिकारी निजीकरण की देखरेख कर रहे हैं, तो उसमें सफलता की क्या गारंटी है

गोरखपुर ज़िले में संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह, जीवेश नंदन, अमरदीप सागर, शिवमनाथ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, श्याम सिंह, एन.के. सिंह, सी.बी. उपाध्याय, प्रभुनाथ प्रसाद, संगमलाल मौर्य, इस्माइल खान, संदीप श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव, राजकुमार सागर, करुणेश त्रिपाठी, विमलेश कुमार, विमलेश पाल, जयनारायण यादव, ओम गुप्ता, सत्यव्रत पांडे आदि ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया और कर्मचारियों को जेल भरो आंदोलन के लिए प्रेरित किया।

इन पदाधिकारियों ने दो टूक कहा कि अगर सरकार यह मान रही है कि निजीकरण से बिजली सेवा में सुधार होगा, तो वह सीधे-सीधे यह स्वीकार कर रही है कि अभी तक जो आईएएस अधिकारी बिजली कंपनियों को चला रहे थे, वे असफल रहे हैं।

संघर्ष समिति ने मेसर्स ग्रांट थॉर्टन की नियुक्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह कंपनी अमेरिका में दंडित हो चुकी है और निजीकरण के दस्तावेजों में झूठा शपथपत्र भी दिया है।
इसी तरह, निधि नारंग, निदेशक (वित्त), को तीन बार सेवा विस्तार दिए जाने और निजी कंपनियों से मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए। उन्हीं के माध्यम से आरएफपी दस्तावेज तैयार कर विद्युत नियामक आयोग को भेजे गए, जिसे आयोग ने कई आपत्तियों के साथ वापस कर दिया, लेकिन सरकार ने फिर भी लाभ बताकर विज्ञापन जारी कर दिया, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण और भ्रामक है।

शनिवार को गोरखपुर के साथ-साथ वाराणसी, मेरठ, आगरा, कानपुर, मथुरा, झांसी, नोएडा, अलीगढ़, मिर्जापुर, बस्ती, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मथुरा, एटा, मुरादाबाद, ओबरा, पिपरी, अनपरा, हरदुआगंज, बांदा, सहारनपुर, देविपाटन, लखनऊ समेत 30 से अधिक ज़िलों में बिजली कर्मचारियों ने संगठित विरोध प्रदर्शन कर “विरोध दिवस” मनाया।

कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि अगर निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगी, तो आगामी दिनों में सामूहिक जेल भरो आंदोलन पूरे प्रदेश में एकजुटता से किया जाएगा।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

सल्लहपुर-भटनी में भव्य महायज्ञ, रामलीला और लंका दहन ने बांधा समां

श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ बनकटाशिव: पंचम दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, विग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में भक्ति और…

11 minutes ago

सीडीओ ने किया ब्लॉक का औचक निरीक्षण, गंदगी व जर्जर भवनों पर सख्त निर्देश

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के उद्देश्य से मुख्य विकास…

19 minutes ago

कमजोर वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं से जोड़ने हेतु 22 फरवरी को औरैया में मेगा विधिक सेवा शिविर

औरैया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में आमजन को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने…

28 minutes ago

अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत 50 वरिष्ठ नागरिकों की होगी निःशुल्क मोतियाबिंद सर्जरी

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और समग्र कल्याण…

36 minutes ago

वृहद ऋण शिविर कल, युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार का अवसर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के युवाओं, उद्यमियों और स्वरोजगार की तलाश कर रहे नागरिकों…

1 hour ago

22 फरवरी को बलिया में मेगा विधिक सहायता शिविर, प्रचार वाहन रवाना

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।फोकस वर्ड – विधिक सहायता शिविरटैग - जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया,…

1 hour ago