प्रशासनिक अनदेखी से बेलभरियां में जल निकासी ठप, बढ़ा बीमारियों का खतरा

🔴 बेलभरियां में प्रशासनिक लापरवाही से बिगड़े हालात, हाईकोर्ट जाने की तैयारी में ग्रामीण


महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।सदर तहसील क्षेत्र के मिठौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बेलभरियां में प्रशासनिक उदासीनता के चलते हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। गांव की सार्वजनिक नालियों को पाट दिए जाने और ग्राम सभा की कीमती भूमि पर अवैध कब्जों के कारण जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। नतीजतन घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे गांव में गंदगी, दुर्गंध और संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बेलभरियां नाली समस्या अब सिर्फ असुविधा नहीं, बल्कि गंभीर जनस्वास्थ्य संकट बन चुकी है। कई बार तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।

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ग्राम सभा भूमि पर अवैध कब्जा बना बड़ी समस्या
शिकायतकर्ता अयोध्या प्रसाद पुत्र स्वर्गीय शुभग ने बताया कि गांव की कई सार्वजनिक नालियां पूरी तरह पाट दी गई हैं। इसके साथ ही खलिहान, बंजर भूमि, खाद गड्ढा, छवर और पोखरी जैसी ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा वर्षों से बना हुआ है। इससे न केवल जल निकासी बाधित हुई है, बल्कि गांव की मूल संरचना भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने सफाई कर्मियों, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और एडीओ पंचायत की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत के कारण ही अवैध कब्जों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। बेलभरियां प्रशासनिक लापरवाही का यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुका है।

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बरसात में हालात और भयावह
जल जमाव के कारण गांव की सड़कों पर कीचड़, गंदगी और फिसलन बनी रहती है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीणों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

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हाईकोर्ट जाने का फैसला
लगातार अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। अयोध्या प्रसाद के साथ ममता, गीता, सुनीता, महेश, पिंकी, प्रेम, मुन्नी, जीउत और लल्लन सहित कई ग्रामीण एकजुट होकर इस कानूनी लड़ाई में शामिल हैं। याचिका में जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही नालियों को खुलवाकर ग्राम सभा की भूमि से अवैध कब्जे नहीं हटाए गए, तो यह मामला कानून के रास्ते और भी गंभीर रूप लेगा। बेलभरियां नाली समस्या अब प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल बन चुकी है।

Editor CP pandey

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