बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र नानपारा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ के.एम. सिंह ने बीज उत्पादक किसानों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए ।उन्होंने कहा पिछले महीने अनपेक्षित वर्षा होने के कारण बीज की जीवन-क्षमता प्रभावित हो सकती है । इसके लिए किसान भाई फसल को भली-भांति पकने दें ,और शुष्क अवस्था में ही कटाई करें इसी के साथ केंद्र के पादप प्रजनन वैज्ञानिक डॉ. अरुण कुमार ने भी बीज उत्पादक किसानों को सुझाव दिए। उन्होंने कहा अनपेक्षित वर्षा के कारण बीज की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती हैं, इसके लिए किसान भाई फसल को अच्छी तरह सूखने पर ही कटाई करें । यदि बीज में किसी भी प्रकार का संक्रमण दिखाई दे तो उससे संबंधित दवा से उपचारित करके ही भंडारण करें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बीज में नमी की मात्रा मानक से अधिक नहीं होनी चाहिए , गेहूं चना मसूर सरसों इत्यादि में नमी की मात्रा 12% से कम होनी चाहिए तभी बीज को लंबे समय तक भंडारण कर सकते हैं।केंद्र की पौध संरक्षण वैज्ञानिक डॉ. हर्षिता ने बताया कि धूप में सुखाना सबसे आम और पसंदीदा तरीका है, उचित सुखाने से न केवल कीड़े, रोगाणु और कवक मर जाते हैं, बल्कि सुरक्षित भंडारण की सीमा तक अनाज में नमी भी कम हो जाती है।अनाज के भण्डारण से पहले गोदामों, पात्रों और कूड़ादानों में 0.02% मैलाथियोन या 0.4% बीएचसी या डीडीटी का छिड़काव करना चाहिए, मिथाइल ब्रोमाइड, एथिलीन डाइब्रोमाइड, फोस्टॉक्सिन टैबलेट और एचसीएन जैसे धूमक भी बंद गोदामों में 18 घंटे के लिए धूमन के लिए उपयोग किए जाते हैं।
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