महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में उद्योग बंधु व व्यापार बंधु की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी सहित विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की जानकारी ली। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में भौतिक लक्ष्य 127 के सापेक्ष 321 आवेदन विभाग द्वारा विभिन्न बैंकों को प्रेषित किए जा चुके हैं। इनमे अलग–अलग बैंकों द्वारा 170 आवेदनों को स्वीकृत किया गया है और 134 मामलों में ऋण वितरित भी किया जा चुका है। योजना में जनपद की प्रगति सीएम डैशबोर्ड पर निर्धारित लक्ष्य 117.70 प्रतिशत के सापेक्ष 221.08 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि ओडीओपी योजना के तहत 24 लक्ष्य के सापेक्ष 36 आवेदन बैंको को भेजे गए हैं, जिसमे 25 आवेदनो को स्वीकृत करते हुए विभिन्न बैंकों द्वारा सभी मामलों में ऋण का वितरण किया गया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने सभी बैंकों को विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं में प्राथमिकता के आधार पर ऋण वितरण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आवेदनों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने उपायुक्त उद्योग को उद्यमियों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण का निर्देश दिया। उद्यमियों की समस्याओं को सुनते हुए उन्होंने बड़हरा मीर में स्थित उप मंडी स्थल में 01 सप्ताह के भीतर विद्युत संयोजन करवाने हेतु अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया। उद्यमियों से उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को समस्या के त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिया। उन्होंने उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता के आधार पर करने के लिए कहा। उपायुक्त वाणिज्य कर को व्यापार मंडलों के साथ लगातार समन्वय करते हुए व्यापारियों को जीएसटी रिटर्न भरने हेतु प्रेरित करने का निर्देश दिया। इस संदर्भ में सभी व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर जीएसटी प्राप्ति बढ़ाने के लिए कहा। राज्यकार विभाग की जीएसटी एमनेस्टी योजना से अवगत कराते हुए कहा कि वर्ष 2017-18, 2018-19 एवं 2019-20 की अवधि में जीएसटी अधिनियम की धारा-73 के अंतर्गत कर अर्थदण्ड और ब्याज माफी का लाभ 31मार्च 2025 तक मात्र कर जमा करते हुए प्राप्त किया जा सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए धारा-73 के अधीन जारी नोटिस, विवरण अथवा पारित आदेश में उल्लिखित कर के मद की धनराशि को यदि 31 मार्च 2025 तक जमा कर दिया जाता है एवं कोई अपील दाखिल नहीं की जाती है अथवा दाखिल की गयी अपील वापस ले लिया जाता है तो व्यापारी/करदाता को ब्याज एवं अर्थदण्ड की धनराशि की छूट प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि व्यापारी बंधुओं के लिए यह योजना बेहद लाभप्रद है और सभी से अनुरोध है कि योजना का लाभ उठाते हुए कर जमा कर राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान दें। इस दौरान बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनुराज जैन, उपायुक्त उद्योग अभिषेक प्रियदर्शी, उपायुक्त राज्य कर अजीत कुमार सिंह, सहायक आयुक्त उद्योग राकेश जयसवाल सहित उद्योग और व्यापार मंडल के प्रतिनिधि एवं उद्यमी उपस्थित रहें।
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