कुशीनगर में जिला सैनिक बंधु बैठक: शस्त्र लाइसेंस, पेंशन और भूमि विवादों पर त्वरित कार्रवाई

कुशीनगर, (राष्ट्र की परम्परा)
जनपद कुशीनगर में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं के शीघ्र निस्तारण को लेकर प्रशासन ने गंभीर पहल की है। विकास भवन सभागार में आयोजित कुशीनगर जिला सैनिक बंधु बैठक में भूतपूर्व सैनिकों से जुड़ी विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए।
यह बैठक जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर के मार्गदर्शन में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक का उद्देश्य पूर्व सैनिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना और उनकी लंबित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करना था।
पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर गंभीर विमर्श
बैठक में शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण, पेंशन प्रकरण, राशन कार्ड, भूमि विवाद, रास्ते के झगड़े, नाले के निर्माण और जमीन की पैमाइश जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया।
भूतपूर्व सैनिक रामकेवल, रामवृक्ष गुप्ता और बैजनाथ ने अपनी-अपनी समस्याएं विस्तार से मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों से संपर्क कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन पूर्व सैनिकों के सम्मान और अधिकारों के प्रति संवेदनशील है तथा उनकी समस्याओं को शीर्ष प्राथमिकता पर हल किया जाएगा।
शस्त्र लाइसेंस और पेंशन मामलों की समीक्षा
कुशीनगर जिला सैनिक बंधु बैठक में शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर विशेष बल दिया गया। कई पूर्व सैनिकों ने लाइसेंस नवीनीकरण में हो रही देरी की ओर ध्यान आकर्षित किया। इस पर संबंधित विभाग को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पेंशन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। जिन मामलों में दस्तावेजी कमी या तकनीकी अड़चनें थीं, उन्हें शीघ्र दूर करने का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि पेंशन पूर्व सैनिकों का अधिकार है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राशन कार्ड और भूमि विवाद जैसे स्थानीय मुद्दों पर कार्रवाई
बैठक में राशन कार्ड से संबंधित समस्याएं भी प्रमुख रूप से उठाई गईं। कुछ मामलों में नाम जुड़वाने या संशोधन में देरी की शिकायतें सामने आईं। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित आपूर्ति विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र पूर्व सैनिकों को बिना विलंब लाभ दिया जाए।
भूमि पैमाइश, नाले के निर्माण और रास्ते के विवाद जैसे स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इन मामलों में राजस्व विभाग को त्वरित सर्वे और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए।
प्रशासन ने दोहराया कि पूर्व सैनिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागीय समन्वय बेहतर किया जाएगा।
पूर्व सैनिकों की भूमिका पर भी दिया गया संदेश
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने पूर्व सैनिकों से अपील की कि वे समाज में अपनी सम्मानित भूमिका का निर्वहन करते हुए आम नागरिकों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भावना के प्रतीक होते हैं। उनकी सहभागिता से सामाजिक जागरूकता अभियानों को और मजबूती मिल सकती है।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
कुशीनगर जिला सैनिक बंधु बैठक में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी सुनील कुमार यादव, क्षेत्राधिकारी सदर विनोद कुमार सिंह, डीसी उद्योग अभय कुमार सुमन, विधिक सेवा प्राधिकरण से अनसुईया सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्व सैनिकों की ओर से कैप्टन लाल बहादुर त्रिपाठी, कैप्टन शमसुद्दीन अंसारी, कैप्टन दयाशंकर पांडे और हवलदार शारदा प्रसाद समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए। बैठक में विभागीय समन्वय और समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता जताई गई।
प्रशासन की प्रतिबद्धता: सम्मान और सुविधा दोनों
कुशीनगर जिला सैनिक बंधु बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया कि जिला प्रशासन पूर्व सैनिकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए गंभीर है। शासन की मंशा है कि जिन्होंने देश की सेवा की है, उन्हें स्थानीय स्तर पर किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में नियमित अंतराल पर ऐसी बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि लंबित प्रकरणों की समीक्षा हो सके और नए मामलों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जिले में बेहतर समन्वय की दिशा में कदम
कुशीनगर में आयोजित यह बैठक केवल औपचारिकता नहीं रही, बल्कि इसमें कई मामलों में तत्काल निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से जवाबदेह बनाया गया कि वे तय समय सीमा में समस्याओं का समाधान करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद संबंधित विभागों को लिखित निर्देश भी जारी किए जाएंगे, जिससे कार्यवाही की निगरानी की जा सके।
निष्कर्ष
कुशीनगर जिला सैनिक बंधु बैठक पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है। बैठक में उठाए गए मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई और प्रशासन की संवेदनशीलता ने पूर्व सैनिकों में विश्वास जगाया है।
जनपद में यह संदेश स्पष्ट है कि पूर्व सैनिकों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़ी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। प्रशासन की इस सक्रियता से जिले में बेहतर समन्वय और पारदर्शिता की उम्मीद बढ़ी है।

rkpnews@somnath

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