बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
जहाँ देश की मोदी सरकार एवं प्रदेश की योगी सरकार द्वारा स्वछता जागरूकता के लिए अनेक योजनाए चलाई जा रही है। वही बरहज मे सरयू नदी के किनारे कूड़े कबाड़ का अम्बार लगा हुआ है, सफाई नदारद है।
सरयू नदी तट पर बसा बरहज जो धार्मिक मेले के लिए प्रसिद्ध है, यहाँ दूर दूर से श्रद्धालू सरयू नदी की जल धारा मे स्नान कर पूजा अर्चना करते है। कार्तिक पूर्णिमा हो, माघी अमावश्या का स्नान हो या श्रावण मास का स्नान, लोगो द्वारा सरयू नदी मे स्नान किया जाता है। धार्मिक नगरी बरहज के मेले मे भारी भीड़ होती है दूर दूर से लोग नहाने आते है पूजा पाठ करके, मेले मे खरीददारी करते हुए अपने घर को चले जाते है। आस्था व श्रद्धा के लिए प्रसिद्ध सरयू तट पर कूड़ा कबाड़ा फैला हुआ है। जो स्वछता को मुँह चिढ़ा रहा है। और नगर प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में भूजल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा…
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय के एक चर्चित होटल नेमत में निर्माण मानकों और…
निचले इलाकों में जलभराव से हाहाकार, अंडरपास डूबे—राप्ती कॉम्प्लेक्स की 200 से अधिक दुकानें जलमग्न…
अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के दिए निर्देश मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद मऊ में…
सोनूघाट से सड़क पाटने का कार्य जारी बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)शनिवार को बारीपुर हनुमान मंदिर के…
'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' के रूप में संभाला कार्यभार, पहले ही व्याख्यान में संघर्ष, अनुशासन और…