देवरिया। (राष्ट्र की परम्परा)बाल विवाह मुक्त भारत अभियान देवरिया के अंतर्गत कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) रामशंकर ने की। बैठक का उद्देश्य जनपद को बाल विवाह मुक्त घोषित करने की दिशा में विभागीय समन्वय को मजबूत करना रहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह ने कहा कि बाल विवाह सामाजिक अपराध होने के साथ-साथ बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। इसे रोकने के लिए कानूनों का कड़ाई से अनुपालन और व्यापक जन-जागरूकता आवश्यक है। जिला परिवीक्षा अधिकारी अनिल कुमार सोनकर ने अभियान के तहत चल रहे जागरूकता व प्रतिज्ञा कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह के दुष्परिणामों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी अदीश मिश्र ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की सक्रिय भूमिका पर जोर देते हुए संभावित हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने की बात कही। यूनिसेफ के बाल संरक्षण सलाहकार शैलेष प्रताप सिंह ने पीपीटी के माध्यम से जिले की प्रगति की समीक्षा प्रस्तुत की।
अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान देवरिया 27 नवंबर 2025 से 8 मार्च 2026 तक 100 दिवसीय विशेष अभियान के रूप में संचालित है। बाल विवाह में दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
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