पंचायतों में आरक्षण
सांसद-विधायक की तर्ज पर स्थिर किया जाए
भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा ) ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने एक वार्ता में बताया कि, हर पाँच साल में आरक्षण बदलने से रुकता है ग्राम सभाओं का विकास प्रदेश अध्यक्ष लखनऊ।
ग्राम प्रधान संगठन ने भारत निर्वाचन आयोग से मांग की है कि ग्राम प्रधान, मुखिया और सरपंच पदों के आरक्षण को सांसद और विधायकों की तरह स्थिर किया जाए। संगठन का कहना है कि हर पाँच साल बाद आरक्षण बदलने से ग्राम सभाओं का विकास बाधित हो रहा है।
राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पांडे ने कहा कि सांसद और विधायक पद पर आरक्षण लगातार नहीं बदलता, जबकि ग्राम प्रधान पद के लिए यह हर कार्यकाल के बाद बदल जाता है। इसका सीधा असर ग्रामीण जनता और विकास कार्यों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कई बार मेहनती, लोकप्रिय और जनता का विश्वास जीत चुके प्रधान केवल आरक्षण बदल जाने के कारण दोबारा चुनाव नहीं लड़ पाते। इससे ग्रामीण जनता अपने पसंदीदा उम्मीदवार को फिर से चुनने से वंचित रह जाती है।
संगठन ने निर्वाचन आयोग से निवेदन किया है कि ग्राम प्रधान/मुखिया/सरपंच पदों के लिए आरक्षित सीटों की अवधि सांसद और विधायकों की तरह दीर्घकालीन की जाए। इससे न केवल जनप्रतिनिधियों का अनुभव और समर्पण ग्राम सभा तक पहुँचेगा, बल्कि ग्रामीण विकास की गति भी तेज़ होगी।
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बरहज थाना क्षेत्र के कोटवा देवरा गांव में बुधवार…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में किसानों के लिए खरीफ-2026 सीजन हेतु निःशुल्क बीज मिनीकिट…
दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी दिल्ली के पटपड़गंज इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने…
भलुअनी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में संचारी रोगों से बचाव के लिए एक अप्रैल से…
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्त…
सलेमपुर, देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय पर आयोजित कार्यकर्ताओं की बैठक में…