महराजगंज में साइबर गैंग का भंडाफोड़: 05 गिरफ्तार, 318 मोबाइल बरामद

कंबल,बर्तन के बदले जुटाए जाते थे पुराने मोबाइल, 80 लाख के 318 फोन बरामद

कोलकाता के जरिए साइबर अपराधियों तक पहुंचता था नेटवर्क

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 15 अप्रैल 2026 को पुलिस को बड़ी सफलता मिली। अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन अशोक मुथा जैन और पुलिस उप महानिरीक्षक गोरखपुर रेंज एस चनप्पा के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के नेतृत्व में प्रभावी कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम थाना और थाना श्यामदेंउरवा की संयुक्त टीम ने 5 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी परतावल नहर पटरी से की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह एक संगठित अंतर्राज्यीय साइबर नेटवर्क का हिस्सा है, जो साइबर अपराधियों को तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराता था।
बरामद मोबाइल फोन के आईएमईआई और डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों और एक नामजद आरोपी की तलाश जारी है। साथ ही वित्तीय लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है।
पूछ-ताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि सरकार द्वारा साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोनों के आईएमईआई नंबर ब्लॉक किए जाने के बाद उन्होंने नया तरीका अपनाया। वे गांव-गांव घूमकर लोगों को पुराने मोबाइल फोन के बदले कंबल या बर्तन देकर मोबाइल इकट्ठा करते थे। इसके बाद इन मोबाइलों को कोलकाता ले जाकर अपने एक साथी को बेच देते थे, जो इन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था। इन मोबाइलों के मदरबोर्ड में मौजूद आईएमईआई का उपयोग कर ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग और फर्जी कॉलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।
जानकारी के अनुसार सभी आरोपी 5 अप्रैल 2026 से थाना श्यामदेंउरवा क्षेत्र के परतावल में रह रहे थे और यहीं से अपने नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। गिरोह का एक सदस्य मुन्ना कुमार पहले से ही इस तरह के अपराधों में सक्रिय रहा है।गिरफ्तार अभियुक्तों में विकेश कुमार, रमाकांत साहनी, बृजबिहारी, मुन्ना कुमार और रामदरश शामिल हैं, जो बिहार के पूर्वी चम्पारण और मोतिहारी जिले के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 318 एंड्रॉइड मोबाइल फोन (लगभग 80 लाख रुपये मूल्य), 110 मोबाइल मदरबोर्ड, 5 मोबाइल फोन, 55 फर्जी बिल, 5700 रुपये नकद और 5 मोटर साईकिल बरामद की हैं। इन उपकरणों का उपयोग साइबर ठगी में किया जाना था।
यह कार्रवाई साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव और थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई, जिसमें अन्य पुलिसकर्मियों की भी अहम भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने इस सफलता पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि पुराने मोबाइल फोन बेचते समय सावधानी बरतें और केवल अधिकृत या विश्वसनीय माध्यमों के जरिए ही लेन-देन करें।

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