अन्य खबरे

जयंती का शोर विचारों से ग़ैरहाज़िरी

मूर्ति की पूजा, विचारों की हत्या हाथ में माला, मन में पाखंड बाबा साहब के विचारों—जैसे सामाजिक न्याय, जातिवाद का…

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ज्योतिबा फुले क्रांति की मशाल

ज्योतिराव फूले, जिन्होंने समाज को आँखें दीं। धूप थी अज्ञान की, अंधकार था घना,उग आया फूले-सा एक सूर्य अनमना।ज्योति बनी…

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प्राइवेट सिस्टम का खेल: आम आदमी की जेब पर हमला

भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी अधिकार आज निजी संस्थानों के लिए मुनाफे का जरिया बन चुके हैं। प्राइवेट…

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नया भारत और फुले का सपना

"ज्योतिबा फुले का भारत बनाना अभी बाकी है" फुले केवल उन्नीसवीं सदी के समाज सुधारक नहीं थे, बल्कि वे आज…

1 year ago

आज के दौर में भगवान महावीर के विचारों की प्रासंगिकता

एक नैतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण की पुकार विशेष------(राष्ट्र की परम्परा) आज के भौतिकवादी और असहिष्णु समय में भगवान महावीर के…

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मीडिया, स्त्री और सनसनी: क्या हम न्याय कर पा रहे हैं?

"धोखे की खबरें बिकती हैं, लेकिन विश्वास की कहानियाँ दबा दी जाती हैं — क्या हम संतुलन भूल गए हैं?"…

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किसी को उजाड़ कर बसे तो क्या बसे: हैदराबाद के जंगलों की चीख

खजागुड़ा जैसे जंगलों को शहरीकरण के नाम पर नष्ट किया जा रहा है, जिससे न केवल पेड़, बल्कि वन्यजीव और…

1 year ago

कर पे कर और उसपे भी कर देनेवाला दब गया लेनेवाला बेफिकर

प्रतिक संघवी राजकोट गुजरात कोईभी देश की कर व्यवस्था यानी की टेक्स का ढांचा उसके देश की बहुत ही महत्व…

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टैरिफ और वैश्विक व्यापार में परिवर्तन

टैरिफ, यानी व्यापार शुल्क, वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण आर्थिक उपकरण है। हाल के वर्षों में, विशेष…

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श्रद्धांजलि: मनोज कुमार, एक युग-एक विचार-एक भावना

"है प्रीत जहाँ की रीत सदा मैं गीत वहाँ के गाता हूँभारत का रहने वाला हूँ भारत की बात सुनाता…

1 year ago