गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने एक बार फिर देशभर के अभ्यर्थियों को अपनी ओर आकर्षित किया है। हाल के वर्षों में विभिन्न राष्ट्रीय रैंकिंग फ्रेमवर्क में बेहतर प्रदर्शन करने वाले इस विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में सतत वृद्धि हो रही है, जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव इस बार की प्रवेश परीक्षा में देखा गया।
आज आयोजित बी.ए.एल.एल.बी. (ऑनर्स) पंचवर्षीय पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा में कुल 2273 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें से 1991 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। यानी कुल उपस्थिति 87 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई। परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
गौरतलब है कि इस परीक्षा में अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर, दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए, जिससे विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय लोकप्रियता का स्पष्ट संकेत मिलता है।
सायं सत्र में आयोजित एम.कॉम. विषय की परीक्षा में भी उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। कुल 756 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 731 उपस्थित रहे, जिससे 96% उपस्थिति दर प्राप्त हुई।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर अभ्यर्थियों से सीधा संवाद किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना और एनसीसी कैडेटों द्वारा लगाए गए हेल्प डेस्क ने उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में सहायता प्रदान की।
प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि सभी परीक्षाएं शांति एवं सुव्यवस्था के साथ संपन्न हुईं। प्रवेश परीक्षा के दौरान नियंता मंडल की सतत निगरानी से संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शिता एवं अनुशासन में रही।
दूर-दराज के राज्यों से आई अभ्यर्थियों की भागीदारी ने यह सिद्ध किया है कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय अब केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा मानचित्र पर अपनी ठोस उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
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