लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में अनुपूरक बजट सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा निवेश, बुनियादी ढांचा और विकासपरक योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा होगी।
पहला अनुपूरक बजट होगा पेश
प्रदेश सरकार चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 का पहला अनुपूरक बजट सोमवार को विधानसभा में पेश करेगी। सूत्रों के मुताबिक, इस बजट में बुनियादी ढांचे से जुड़े विभागों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
इन विभागों को मिल सकता है अतिरिक्त बजट
अनुपूरक बजट में जिन विभागों को अतिरिक्त धनराशि मिलने की संभावना है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, शहरी विकास विभाग, ऊर्जा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग
इसके साथ ही पुलिस आधुनिकीकरण योजनाओं के लिए भी बजटीय प्रावधान किए जा सकते हैं।
कहां-कहां होगा खर्च
अनुपूरक बजट की राशि का उपयोग—
• एक्सप्रेसवे, सड़कों और पुलों के निर्माण
• स्मार्ट सिटी परियोजनाओं
• ग्रामीण पेयजल योजनाओं
• चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार
• मेडिकल कॉलेजों की स्थापना
• स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद
• स्कूलों के अधोसंरचना विकास
जैसे अहम क्षेत्रों में किया जाएगा। इसके अलावा सामाजिक कल्याण, कृषि योजनाओं और रोजगार सृजन कार्यक्रमों के लिए भी अतिरिक्त धन आवंटन की संभावना है।
वंदे मातरम और नए विधेयकों पर चर्चा
सोमवार को सदन में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ पर भी चर्चा होगी। इसके साथ ही इस सत्र में आठ नए विधेयक सदन के पटल पर रखे जा सकते हैं।
गौरतलब है कि विधानसभा सत्र 24 दिसंबर तक चलेगा, और इस दौरान राज्य सरकार सभी आवश्यक विधायी कार्यों को निपटाने की तैयारी में है।
बसपा के कद्दावर नेता और रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, पूर्वांचल की राजनीति में…
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मेहदावल के प्रधानाचार्य उदय नारायण ने…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। स्थानीय प्रभा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार से नए…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित कमिश्नरी परिसर में मंगलवार शाम…
देवरिया: रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, चोरी का मोबाइल…
NTA के गठन के 9 साल बाद भी निजी परीक्षा केंद्रों पर निर्भर व्यवस्था, कैबिनेट…