Wednesday, May 6, 2026
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महिला की हत्या कर फेंकी गई लाश

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फोरेंसिक व डॉग स्क्वायड ने जुटाए अहम सबूत

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
पीपीगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार भोर उस समय सनसनी फैल गई, जब सड़क किनारे एक पुल के पास करीब 35 वर्षीय महिला की नग्न लाश मिलने की सूचना मिली। राहगीरों ने शव देखा तो तुरंत पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच कर साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि महिला की बेरहमी से हत्या कर शव को यहां लाकर फेंका गया है। पहचान छिपाने की नीयत से महिला का सिर ईंट से कूंच दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। सिर के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों पर भी गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जिससे यह अंदेशा और मजबूत हो गया है कि हत्या से पहले या बाद में महिला के साथ क्रूरता की गई। शव मिलने की सूचना पर एसएसपी राज करन नय्यर स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसएसपी राज करन नय्यर ने बताया कि फिलहाल मृतका की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पहचान कराने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। साथ ही हत्या के कारणों और आरोपियों तक पहुंचने के लिए कई पहलुओं पर जांच चल रही है।
घटनास्थल से डॉग स्क्वायड टीम को भी लगाया गया। डॉग स्क्वायड शव मिलने की जगह से पुल की ओर चढ़ते हुए बैरघट्टा गांव तक गया, लेकिन करीब 200 मीटर आगे जाकर वापस लौट आया। इससे यह आशंका और प्रबल हो गई है कि हत्या कहीं और की गई है और शव को यहां लाकर ठिकाने लगाया गया है। मौके पर महिला के शव को कुछ दूरी तक घसीटने के भी निशान मिले हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि लाश को योजनाबद्ध तरीके से फेंका गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। बरघट्टा गांव से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर संतकबीरनगर जिले की सीमा शुरू हो जाती है। ऐसे में यह भी आशंका जताई जा रही है कि हत्या किसी दूसरे जिले में कर शव गोरखपुर में लाकर फेंका गया हो।
एसएसपी ने मामले के त्वरित खुलासे के लिए पुलिस की दो विशेष टीमें गठित की हैं। एक टीम मृतका की पहचान कराने में जुटी है, जबकि दूसरी टीम हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी हुई है। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्ध वाहनों या व्यक्तियों की पहचान की जा सके।
पुलिस का दावा है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इस निर्मम वारदात से सहमे हुए हैं।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन: कलेक्ट्रेट में दो मिनट का मौन, प्रशासन ने दी श्रद्धांजलि

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कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की शहादत को स्मरण करते हुए 30 जनवरी को कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।गरिमामय वातावरण में हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रमकार्यक्रम के दौरान संपूर्ण वातावरण शांत, अनुशासित एवं भावनात्मक रहा। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एकत्र हुए और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम को स्मरण किया। दो मिनट के मौन ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्श आज भी प्रेरणास्रोत जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का जीवन साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। राष्ट्र के प्रति निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।कर्तव्यनिष्ठा का लिया गया संकल्प इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रेम कुमार राय, जिलापूर्ति अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी, उप जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के मूल्यों को आत्मसात कर अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा और सेवा भाव के साथ करेंगे।

लूट की घटना का पर्दाफाश,कोपागंज पुलिस चर्चा में

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पुलिस की तत्परता से लूट के सभी आरोपी सलाखों के पीछे

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)गत दो हफ्ता पूर्व जनपद के कोपागंज थाना क्षेत्र में एक सर्राफा कारोबारी से हुई बड़ी लुट की घटना का चंद दिनो में पर्दाफाश होने को लेकर जहां व्यापारी ,आम नागरिक व दुकानदार चैन की सांस ले रहे हैं। वहीं अपराधिक गतिविधियों में लिप्त बदमाश पुलिस द्वारा एक के बाद एक की गईं कार्यवाही व दो अपराधियों की पुलिस से हुई मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैरों में लगी गोली से अपराधी भी सकते में आ गए है। पुलिस की इस कार्यवाही को लेकर व्यापारी पुलिस की गुनगान करते नहीं थक रहे हैं ।

 कोपागंज थाना क्षेत्र के टड़ियाव स्थित खाद गोदाम के पास कोपागंज नगर पंचायत के चंदनपुरा निवासी सर्राफा कारोबारी से बड़े पैमाने पर सोने चादी के आभूषण की हुई लूट की घटना को चंद दिनो के अंदर कोपागंज थानाध्यक्ष रविंद्रनाथ राय व पुलिस टीम द्वारा पर्दाफाश किए जाने को लेकर सर्राफा कारोबारी काफी उत्साहित है। जबकि उक्त लुट की घटना के मामले में जहां पुलिस द्वारा एक के बाद एक करके घटना में शामिल बदमाशों को धर दबोचा गया वही बदमाशों से हुई मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैरों में गोली लगने से अपराधिक गतिविधियों में लिप्त बदमाश काफी सकते में आ गए हैं। जबकि घटना का पर्दाफाश होने से व्यापारी, दुकानदार व आम नागरिक थाना अध्यक्ष सहित सभी पुलिस की वाहवाही करते नहीं थक रहे।

एनडीआरएफ की मॉक ड्रिल, बाढ़ से बचाव के दिए गए व्यावहारिक प्रशिक्षण

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कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)जनपद के बाढ़ संभावित क्षेत्र हेतिमपुर में गुरुवार को आपदा प्रबंधन को लेकर एक अहम अभ्यास किया गया। छोटी गंडक नदी के किनारे निर्माणाधीन तटबंध पर एनडीआरएफ, जिला प्रशासन और आपदा राहत टीमों के संयुक्त तत्वावधान में मोबलाइजेशन मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से पहले सतर्क करना और जान-माल की सुरक्षा के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देना रहा।यह मॉक ड्रिल 11वीं बटालियन एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में तथा एनडीआरएफ गोरखपुर के निरीक्षक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई। ड्रिल के दौरान नदी में नाव पलटने, डूबते व्यक्ति को बचाने, सिविल बोट दुर्घटना, गोताखोरों द्वारा खोज अभियान और प्राथमिक चिकित्सा जैसे पांच अलग-अलग आपदा परिदृश्यों का सजीव प्रदर्शन किया गया एनडीआरएफ के जवानों ने ग्रामीणों को यह भी सिखाया कि आपात स्थिति में घरेलू सामानों की मदद से अस्थायी लाइफ जैकेट कैसे बनाई जा सकती है। इसके साथ ही डूबे व्यक्ति को बाहर निकालने के बाद सीपीआर देने की वैज्ञानिक विधि और प्राथमिक उपचार की जानकारी भी दी गई। अभ्यास के दौरान टीम की त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय ने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।कसया तहसीलदार धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह इलाका हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है, ऐसे में पूर्व तैयारी और जनजागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाते हैं।कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी कसया संतराज सिंह, तहसीलदार, लेखपाल, एनडीआरएफ के अधिकारी-कर्मचारी सहित लगभग 200 ग्रामीण मौजूद रहे।

तेलंगाना: उत्पीड़न और शक से परेशान महिला कांस्टेबल ने की आत्महत्या, दो आरोपियों पर केस दर्ज

वरंगल/तेलंगाना (राष्ट्र की परम्परा)। तेलंगाना के वरंगल जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां लगातार मानसिक उत्पीड़न और शक के चलते महिला कांस्टेबल अनीता ने आत्महत्या कर ली। अनीता वरंगल पुलिस कमिश्नरेट के एआर (Armed Reserve) विभाग में तैनात थीं और पर्वतागिरी मंडल के सीत्यतंडा की रहने वाली थीं।
पुलिस के अनुसार, अनीता को उसके दूर के रिश्तेदार राजेंद्र और एक अन्य युवक जब्बारलाल द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था। यह मानसिक दबाव वह लंबे समय तक सहन नहीं कर सकीं।

शादी का दबाव और लगातार शक

मामले की जांच में सामने आया है कि महबूबाबाद जिले के तोरूर मंडल के कोम्मनपल्ली तंडा निवासी राजेंद्र पिछले चार वर्षों से अनीता से शादी करने का दबाव बना रहा था। ड्यूटी के दौरान वीडियो कॉल, फोन बातचीत और अन्य गतिविधियों को लेकर वह अनीता पर शक करता था और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था।
अनीता ने इस बारे में अपने माता-पिता को बताया था। परिजनों ने राजेंद्र के व्यवहार को देखते हुए उससे शादी से इनकार कर दिया, लेकिन इसके बावजूद उत्पीड़न जारी रहा।

दूसरे युवक की एंट्री, बढ़ा दबाव

इसी दौरान राजेंद्र को पता चला कि अनीता अपने क्लासमेट जब्बारलाल के संपर्क में है और दोनों शादी करना चाहते हैं। इससे नाराज़ होकर राजेंद्र ने जब्बार को अनीता के बारे में गलत बातें बताईं। इसके बाद जब्बारलाल ने भी अनीता को परेशान करना शुरू कर दिया और शादी के लिए पैसे की मांग करने लगा।
एक साथ दो लोगों के शक और दबाव ने अनीता को मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया।

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आखिरी कॉल में कही दर्दभरी बात

27 जनवरी को अनीता ने राजेंद्र को फोन कर कहा,
“तुम और जब्बार ने मिलकर मेरा जीवन बर्बाद कर दिया है, तुम्हारी वजह से मैं आत्महत्या कर रही हूं।”
आरोप है कि इस पर राजेंद्र ने लापरवाही से जवाब देते हुए कहा, “मर जाओ।”

इलाज के दौरान मौत

इस घटना से आहत होकर अनीता ने घास की दवा पी ली। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में राजेंद्र, उसके परिवार के सदस्यों और जब्बारलाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। महिला कांस्टेबल की मौत के कारणों की गहन जांच की जा रही है।

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मनरेगा को बहाल करने व मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर कांग्रेसियों ने सौंपा ज्ञापन

देश के गरीबों मजदूरों के लिए मनरेगा योजना है जरूरी- केशवचन्द यादव

भाटपाररानी/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष केशवचन्द यादव के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन कर मनरेगा योजना को पुनः उसी तरह से बहाल करने व एसआईआर के तहत प्रकाशित मतदाता सूची में गड़बड़ी में सुधार करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार सुशील कुमार तिवारी को सौंपा। इस दौरान सम्बोधित करते हुए केशवचन्द यादव ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत की आत्मा गांवो में बसती है, इसी को लेकर मनमोहन सिंह की सरकार ने मनरेगा योजना को मजदूरों व गरीबों के हित के लिए लागू किया था लेकिन भाजपा सरकार इस को समाप्त करना चाहती है।

कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि यह सरकार गरीब और मजदूर व विरोधी है,पहले मनरेगा योजना में नब्बे प्रतिशत धन की व्यवस्था केंद्र सरकार करती थी अब राज्यों को 40 प्रतिशत धन की व्यवस्था करनी पड़ेगी,जिसके कारण योजना सही तरीके से संचालित नही हो पाएगी।

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कांग्रेस पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि एसआईआर के तहत जो मतदाता सूची आई है उसमें और 2003 के मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति का नाम अलग अलग है, इसमें सुधार करने व सभी पात्र मतदाता को सूची में शामिल करना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।

ज्ञापन सौंपने वालों में जनार्दन वर्मा, जगरनाथ यादव, जितेन्द्र यादव, सलीम अली,एडवोकेट इंदू भूषण शुक्ला, राणा प्रताप सिंह एडवोकेट,मनीष रजक,कन्हैया कुशवाहा, जेपी यादव विराट यादव,हरिश्चंद्र यादव, जावेद अख्तर, अवधकिशोर, श्रीकांत यादवभरत मिश्र, सुग्रीव कुशवाहा,बाबूलाल सिंह, विशाल मद्देशिया आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।

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सत्य और अहिंसा के देवदूत थे महात्मा गांधी – डॉ धर्मेन्द्र पाण्डेय

महात्मा गांधी के शहीदी दिवस पर कांग्रेसियों ने किया नमन

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। आजादी के महानायक महात्मा गांधी के शहीदी दिवस पर नगर के गांधी चौक स्थित उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण कर ब्लॉक कार्यालय पर गोष्ठी का आयोजन कर उनको नमन किया गया। इस दौरान सम्बोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष डॉ धर्मेन्द्र पांडेय ने कहा कि महात्मा गांधी वास्तव में सत्य और अहिंसा के देवदूत थे।उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया।आज उनके नीतियों और सिद्धांतों पर चल कर ही देश विकसित हुआ है।

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ब्लॉक अध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने कहा कि अहिंसा के पुजारी गांधी जी के विचारों को आज कुछ नफरत फैलाने वाले लोग खत्म करना चाहते हैं लेकिन देश की जनता इन नफरती ताकतों के मंसूबे को सफल नहीं होने देगी। युवा कांग्रेस के सोशल मीडिया के प्रदेश संयोजक सत्यम पांडेय ने कहा कि आज युवाओं को महात्मा गांधी के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

गोष्ठी को नगर अध्यक्ष प्रमोद श्रीवास्तव,डॉ याहिया अंजुम, चुन्नू श्रीवास्तव,विनोद कुमार, रामकेवल चौहान,नवलकिशोर पांडेय, विजय कुशवाहा,अखिलेश मिश्र, विनय विश्वकर्मा आदि ने सम्बोधित किया।

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सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ माकपा का जनसंपर्क अभियान शुरू

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देश में बढ़ती साम्प्रदायिक राजनीति के खिलाफ, देश की सांझी विरासत और गंगा-जमुनी तहजीब को बचाने तथा आपसी भाईचारा मजबूत करने के उद्देश्य से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सलेमपुर ने एक व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 30 जनवरी महात्मा गांधी के शहादत दिवस से प्रारंभ होकर 23 मार्च भगत सिंह के शहादत दिवस तक चलेगा।
अभियान की शुरुआत शुक्रवार को माकपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक सलेमपुर से की। इस अवसर पर गांधी चौक पर धरना देते हुए एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए माकपा नेता सतीश कुमार ने कहा कि आज समाज में नफरत और विभाजन की राजनीति तेजी से बढ़ रही है। ऐसे माहौल में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और सद्भाव के विचारों को आम जनता तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि यह अभियान गांधी और भगत सिंह दोनों की शहादत से जुड़ा है, जो देश की एकता, अखंडता और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। माकपा इस दौरान गांव-गांव जाकर सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करेगी और भाईचारा, सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश देगी।

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माकपा नेताओं ने बताया कि 23 मार्च तक सलेमपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में बैठकें, गोष्ठियां और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आम लोगों को जोड़ा जा सके और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा दिया जा सके।
इस मौके पर प्रेम चंद यादव, रामनिवास यादव, बलविंदर मौर्य, संजय गौण सहित कई अन्य माकपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में गांधी के विचारों को आत्मसात करने और समाज में नफरत के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया गया।

अगर चाहें तो मैं इसे और ज्यादा धारदार हेडलाइन, टीवी स्क्रिप्ट, या सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में भी तैयार कर सकता हूँ।

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अमेरिकी हमले की आशंका, ईरान ने इस्फहान परमाणु साइट सील की

तेहरान (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका के संभावित हमले की आशंका के बीच ईरान के परमाणु ठिकानों पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीते 24 घंटों में सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में ईरान के इस्फहान शहर स्थित परमाणु केंद्र पर नई हलचल देखी गई है। यह वही परमाणु संयंत्र है, जिस पर पिछले साल अमेरिका और इजरायल के हमले में भारी नुकसान हुआ था।

अंडरग्राउंड एंट्री गेट दोबारा किए गए सील

इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के अनुसार, ईरान ने एक बार फिर इस्फहान स्थित अंडरग्राउंड परमाणु परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार को मिट्टी से भरकर बंद कर दिया है। इसके साथ ही दक्षिणी प्रवेश द्वार पर भी ताजा मिट्टी डाली जा रही है, जिससे पूरे रास्ते को पूरी तरह सील किया जा सके।

अमेरिकी हमले से बचाव की रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिका के संभावित सैन्य हमले से बचाव के लिए उठाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका उद्देश्य करीब 408 किलो संवर्धित यूरेनियम वाले भंडारण केंद्रों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करना है।

पहले खोले गए थे गेट, सुरंगें की गईं मजबूत

इससे पहले इंजीनियरिंग कार्यों के लिए इन प्रवेश द्वारों को अस्थायी रूप से खोला गया था। उस दौरान सुरंगों को अत्यधिक मजबूत कंक्रीट से तैयार किया गया था, ताकि किसी संभावित हमले का असर कम किया जा सके।

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यूरेनियम स्टोरेज को बनाया जा रहा किले जैसा

ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए पूरे इलाके को लगभग किले में तब्दील कर रहा है। सुरक्षा को कई स्तरों पर मजबूत किया जा रहा है, जिससे बाहरी हमले का प्रभाव न्यूनतम रहे।

जमीन के ऊपर की इमारत में भी हलचल

सैटेलाइट तस्वीरों में यह भी सामने आया है कि जमीन के ऊपर मौजूद उस इमारत में भी गतिविधियां जारी हैं, जहां पहले सेंट्रीफ्यूज मशीनें बनाई जाती थीं। यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

क्या होता है सेंट्रीफ्यूज

सेंट्रीफ्यूज एक विशेष मशीन होती है, जिसका उपयोग यूरेनियम को संवर्धित (Enrich) करने के लिए किया जाता है। अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है।

पिछले साल अमेरिका-इजरायल का हमला

पिछले साल जून में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर हमले किए थे। इन हमलों में नतांज, फोर्दो और इस्फहान के परमाणु ठिकानों को नुकसान पहुंचा था। दोनों देशों का आरोप है कि ईरान नागरिक परमाणु कार्यक्रम की आड़ में परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है।

ईरान का दावा और बातचीत का गतिरोध

ईरान लगातार दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उपयोग के लिए है। वहीं अमेरिका अपनी शर्तों पर परमाणु समझौता चाहता है। अब डोनाल्ड ट्रंप फिर बिना शर्त बातचीत की बात कर रहे हैं, लेकिन ईरान ने साफ कहा है कि हमले की धमकियों के बीच कोई बातचीत संभव नहीं है।

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तेज रफ्तार जीप की टक्कर से बाइक सवार की मौत, चालक वाहन छोड़कर फरार

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार अपराह्न तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। जय जयप्रभा कन्या इंटर कॉलेज तिलौली के पास बेकाबू जीप ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के लिए ले जाते समय मौत हो गई, जबकि जीप चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
जानकारी के अनुसार उभांव थाना क्षेत्र के अखोप गांव निवासी 40 वर्षीय रामू गुप्ता शुक्रवार को किसी कार्य से सिकंदरपुर आए थे। काम निपटाने के बाद वह बाइक से मालदह की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान तिलौली गांव के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार जीप ने उनकी बाइक में जबरदस्त टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जीप गलत दिशा में आ रही थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामू गुप्ता सड़क पर जा गिरे और उनके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से एंबुलेंस बुलाकर घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।

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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद से ही जीप चालक फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

परिजनों के अनुसार मृतक रामू गुप्ता बिहरा में अपनी बहन के यहां रहकर मालदह चट्टी पर अंडे की दुकान चलाते थे। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है।

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माता-पिता के संस्कार और गांव के संकल्प से रचा इतिहास: दरौली के सूरज जायसवाल बने एमबीबीएस

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद महराजगंज की ग्राम सभा दरौली के लिए यह क्षण गर्व, हर्ष और प्रेरणा से भरा है। गांव के होनहार युवक सूरज जायसवाल ने महज 27 वर्ष की उम्र में एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर न सिर्फ अपने माता-पिता और परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच अडिग संकल्प, सतत परिश्रम और सामूहिक सहयोग से मिली यह सफलता आज दरौली की पहचान बन गई है।
सूरज जायसवाल, पुत्र राधारमण जायसवाल, ग्राम पंचायत दरौली के मूल निवासी हैं। उन्होंने सेमी मेडिकल यूनिवर्सिटी, कज़ाकिस्तान से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और तत्पश्चात भारत में स्क्रीनिंग परीक्षा उत्तीर्ण कर यह सिद्ध किया कि प्रतिभा अवसर की मोहताज नहीं होती—उसे दिशा, अनुशासन और विश्वास चाहिए।
अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय देते हुए सूरज ने भावुक स्वर में कहा कि उनकी इस यात्रा में माता मीरा जायसवाल, पिता राधारमण जायसवाल, चाचा घनश्याम जायसवाल, चाची रीता जायसवाल, बहन खुशबू जायसवाल सहित पूरे परिवार और ग्रामवासियों का नैतिक, भावनात्मक और आर्थिक सहयोग निर्णायक रहा।
उन्होंने कहा, यदि परिवार का भरोसा और गांव का आशीर्वाद न होता, तो यह मुकाम संभव नहीं था। हर कठिन मोड़ पर मेरे घर के लोगों ने तन-मन-धन से मेरा साथ दिया और मेरा मनोबल बढ़ाया।
एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने के बाद सूरज जायसवाल ने समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करने की दिशा में काम करने की इच्छा जताई।
सूरज की सफलता से दरौली सहित आस-पास के गांवों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सूरज आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा-स्तंभ हैं। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि दृढ़ निश्चय, अनुशासन और सामूहिक सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। गांव के युवाओं में शिक्षा के प्रति नई ऊर्जा और विश्वास जागृत हुआ है।
दरौली का यह बेटा आज पूरे महराजगंज की शान बन गया है—एक ऐसा उदाहरण, जो बताता है कि संस्कार, संघर्ष और सहयोग मिलकर इतिहास रचते हैं।

बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना को लेकर डीएम ने बुलाई अहम बैठक

पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने पर दिया गया जोर

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
गोरखपुर में पर्यटन को नई गति देने और बाहर से आने वाले पर्यटकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अपने कार्यालय कक्ष में बेड एंड ब्रेकफास्ट (बेड ऐंड ब्रेकफास्ट) योजना को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक में योजना के सुचारु क्रियान्वयन, पंजीकरण प्रक्रिया, मानकों तथा विभागीय समन्वय पर गंभीरता से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि गोरखपुर धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण जनपद है। ऐसे में बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना पर्यटकों के लिए किफायती, सुरक्षित और घरेलू वातावरण वाला आवास उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा सकती है। साथ ही यह योजना स्थानीय नागरिकों के लिए अतिरिक्त आय और स्वरोजगार का सशक्त माध्यम भी बनेगी।
बैठक में पर्यटन विभाग, नगर निगम, विकास प्राधिकरण, पुलिस प्रशासन, अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने निर्देश दिए कि योजना के तहत पंजीकरण और स्वीकृति की प्रक्रिया सरल और समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि इच्छुक लोग बिना किसी परेशानी के इससे जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि अनावश्यक अड़चनें योजना की सफलता में बाधक बनती हैं, जिन्हें हर हाल में दूर किया जाए।
डीएम दीपक मीणा ने पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों में आवश्यक सत्यापन, अग्निशमन सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं। पुलिस विभाग को सत्यापन प्रक्रिया को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी बताया गया कि गोरखनाथ मंदिर, रामगढ़ताल, रेलवे स्टेशन और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास पर्यटकों की आवाजाही अधिक रहती है। डीएम ने ऐसे क्षेत्रों में संभावित आवास इकाइयों की पहचान कर स्थानीय निवासियों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता के माध्यम से योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना केवल ठहरने की व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति, आतिथ्य और परंपराओं को प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान करती है। स्थानीय व्यंजन, स्वच्छ वातावरण और सौहार्दपूर्ण व्यवहार पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाएंगे और गोरखपुर की सकारात्मक छवि स्थापित करेंगे।
बैठक के अंत में डीएम ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना गोरखपुर के पर्यटन विकास और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

पुलिस लाइन क्वार्टर गार्ड पर दो मिनट मौन रखकर मनाया गया गांधी जी का शहादत दिवस

डीआईजी/एसएसपी के निर्देशन में अधिकारियों व जवानों ने अनुशासन के साथ दी श्रद्धांजलि

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शहादत दिवस (सदाहत दिवस) पुलिस लाइन स्थित क्वार्टर गार्ड पर सादगी, अनुशासन और गंभीरता के साथ मनाई गई। यह आयोजन डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में किया गया, जिसमें उपस्थित अधिकारियों, पुलिसकर्मियों एवं जवानों ने दो मिनट का मौन रखकर महात्मा गांधी के बलिदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार का औपचारिक अनुष्ठान नहीं किया गया। सभी अधिकारी एवं जवान कतारबद्ध होकर शांत मुद्रा में खड़े रहे और दो मिनट के मौन के माध्यम से राष्ट्रपिता के सत्य, अहिंसा और शांति के संदेश को आत्मसात किया। पूरे क्वार्टर गार्ड परिसर में इस दौरान पूर्ण शांति और अनुशासन का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर एसपी सिटी अभिनव त्यागी, सीओ कैंट योगेन्द्र सिंह, सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी, प्रतिसार निरीक्षक हरी शंकर सिंह सहित पुलिस लाइन के अधिकारी, जवान तथा आरटीसी की महिला जवानें उपस्थित रहीं। सभी ने गरिमापूर्ण ढंग से कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
अधिकारियों ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन देश और समाज के लिए एक स्थायी प्रेरणा है। उनके सिद्धांत आज भी प्रशासन और पुलिस व्यवस्था के लिए मार्गदर्शक हैं। पुलिस बल का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि जनता के प्रति संवेदनशील और न्यायपूर्ण व्यवहार करना भी है, जो गांधीवादी विचारधारा का मूल तत्व है।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि महात्मा गांधी के आदर्शों को केवल स्मरण तक सीमित न रखते हुए उन्हें अपने आचरण और कार्यप्रणाली में उतारना आवश्यक है। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही समाज में शांति और विश्वास कायम किया जा सकता है।
शहादत दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन क्वार्टर गार्ड पर आयोजित यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। अंत में सभी अधिकारियों एवं जवानों ने संकल्प लिया कि वे राष्ट्रपिता के विचारों से प्रेरणा लेते हुए जनसेवा और राष्ट्रसेवा के अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे।

अनिल साहनी की 8 दिसम्बर को हुए जमीनी विवाद के मारपीट में इलाज के दौरान हुई मौत

फलमंडी के दरोगा पंकज पर आरोपियों के साथ मिलिगत कर हल्का धारा में मुकदमा दर्ज करने का परिजनों ने लगाया आरोप

परिजनों ने हत्या का मुक़दमा लिखे जाने की उच्च अधिकारियों से की मांग

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
रामगढ़ताल थानाक्षेत्र के महेवा फलमंडी निवासी अनिल साहनी की 8 दिसम्बर को हुए जमीनी विवाद के मारपीट में इलाज के दौरान गुरुवार को मौत हो गयी। आपको बता दे कि अनिल साहनी का महेवा में 28 डिसमिल जमीन है। जो कि उनके दादी चनजोता के नाम से है। आरोप है कि दादी के भतीजे ने बहला फुसलाकर जमीन को लिखवा लिया है। जिसके बाद अनिल साहनी कोर्ट चले गये। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। 8 दिसम्बर को चनजोता के भतीजे अमित,रवि,धर्मेन्द्र व अतुल जमीन पर कब्जा करने आ गये। जिसकी सूचना अनिल साहनी को मिली। वह अपने पत्नी शारदा व माता कमली देवी के साथ मौके पर पहुँच गया। लेकिन दादी के चारो भतीजे अमित,रवि,धर्मेन्द्र व अतुल ने मिलकर अनिल साहनी को लाठी डंडों से बहुत मारा पीटा और साथ ही पत्नी शारदा को भी मारा पीटा। अनिल को अधमरा छोड़कर दबंग भाग गये। जब इसकी सूचना पुलिस को दी गयी तो फलमंडी चौकी के चौकी प्रभारी पंकज ने अनिल को ले जाकर मेडिकल करवाया। लेकिन पत्नी का मेडिकल नही करवाया। पत्नी को भी चोटे आई थी
परिजनों को दरोगा पंकज पर मिलीभगत का अंदेशा हुआ। रामगढ़ताल थाने में हल्के धारा में एनसीआर दर्ज कर दिया। जिसके बाद इलाज के लिए भेज दिया । अनिल जिलाअस्पताल में भर्ती था। लेकिन मामले को सीरियस देखकर अनिल को लखनऊ पीजीआई भेज दिया गया। परिजन 10 दिसंबर को पहुँचकर एसएसपी से दरोगा पंकज की शिकायत की। और धारा बढ़ाने की मांग की। एसएसपी ने आश्वासन दिया। 29 जनवरी गुरुवार को अनिल साहनी की मृत्यु हो गया। जिसके बॉडी को घर लाया गया। शुक्रवार को पत्नी शारदा ने दरोगा परिजन पर दबंगों के साथ मिलकर जमीन कब्जा करवाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि दरोगा पंकज शुरू से मामले को शिरियस नही ले रहे थे। जिसके कारण आज मेरी पति की मृत्यु हो गयी है। मेरी दो बेटी और एक लडका है। मेरा और उनका जीवन यापन कैसे होगा। इसलिए मेरी मांग है कि दरोगा पंकज पर कार्यवाही की जाये। और चारो लड़को के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज करवाकर उनकी गिरफ्तारी की जाये। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हुआ। अब देखना है कि वरिष्ठ अधिकारी क्या कार्यवाही करते है।

लखनऊ के 56 चौराहा कैप्टन अंशुमान चौक”के नाम से जाना जायेगा

बरहज(राष्ट्र की परम्परा)
तहसील क्षेत्र के ग्राम अकूबा निवासी वीर सपूत शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के नाम से जाना जाएगा लखनऊ का 56चौराहा। इस उपलब्धि को सुन जनपद मे ख़ुशी की लहर वही अकूबा निवासी अपने लाल के नाम से बने चौराहे को लेकर गौरवान्वित है।
बताते चले की अकूबा निवासी शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता रविप्रताप सिंह ने बेटे की याद को देशवासियो के दिलो मे जगाये रखने के लिए गोरखपुर से अकूबा तक शहीद एकसप्रेस बस सेवा शुरू किया गया, इस उपलब्धि से क्षेत्रवासी फुले नहीं समा रहे है।इससे पूर्व लखनऊ मे ही अंशुमान सिंह चौराहे का उद्धघाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के द्वारा किया गया था। उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए रविप्रताप सिंह ने बेटे शहीद अंशुमान सिंह की स्मृति मे छावनी परिषद लखनऊ के सौजन्य से बनाये गए कैप्टन अंशुमान चौक पर उनके प्रतिमा का उद्घाटन, लेफ्टिनेंट जनरल शीवीद्र सिंह एवं कैप्टन अंशुमान सिंह के परीजनो के साथ किया गया।
इस अवसर पर जी ओ सी मध्य भारत हम एरिया, स्टेशन कमांडर, कमांडेंट ओ की सी, कमांडेंट मध्य कमान चिकित्सालय, सी ई ओ छावनी परिषद, एवं विभिन्न पदों पर आसीन पांच मेजर जनरल, छः ब्रिगेडियर,दह कर्नल, तमाम सैन्यकर्मियों सहित उपस्थित रहे , जिन्होंने कैप्टन अंशुमान सिंह की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
ज्ञात हो कि कैप्टन अंशुमान सिंह बतौर चिकित्साधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान 19 जुलाई 2023 को सियाचिन के मध्य ग्लेशियर के चंदन कांप्लेक्स पर हुए भीषण अग्निकांड में फंसे अपने पांच साथियों को सुरक्षित आग से बाहर निकाल लिया था, जब चौथी बार अपने बंकर में जीवन रक्षक दवाओं एवं मेडिकल उपकरणों को बचाने के लिए घुसे, किन्तु नियती को कुछ और ही मंजूर था और वे अपना सर्वोच्च बलिदान देते हुए शहीद हो गए। उनके इस अदम्य साहस, कर्तव्य परायणता, उच्च इच्छाशक्ति, देशसेवा के लिए भारत सरकार ने मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया था। कैप्टन अंशुमान सिंह आजाद भारत में गोरखपुर मंडल के इकलौते कीर्ति चक्र विजेता है। लखनऊ की धरती पर स्थापित यह दूसरी प्रतिमा है। इससे पूर्व 21 अगस्त 2024 को कैप्टन अंशुमान सिंह चौराहे का उद्घाटन स्वयं योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा किया गया था। सरकार द्वारा प्रदत्त यह सम्मान शहीदों के प्रति समर्पित आस्था एवं सच्ची श्रद्धा का प्रतीक है।इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने नाम करण के सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया एवं सेना के बैंड ने राष्ट्रगान बजाकर सैन्य सम्मान अर्पित किया। देवरिया के बरडीहा का यह लाल देश पर अपनी जान न्यौछावर कर ग्राम , जनपद, मंडल एवं देश का नाम रोशन कर गया।इस अवसर पर तमाम ग्राम वासियों ने लखनऊ उद्घाटन समारोह में उपस्थित होकर अपने अंश अंशुमान की वीरगाथा को नमन करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए।